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नीरज चोपड़ा का ‘मिशन 90’ पूरा, दोहा डायमंड लीग में रच डाला इतिहास

Neeraj Chopra: कतर की राजधानी दोहा में नीरज चोपड़ा का सपना साकार हो गया है। नीरज ने अपने करियर में पहली बार 90 मीटर का थ्रो फेंक दिया है।

Neeraj Chopra
Neeraj Chopra: लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। जिस मुकाम तक पहुंचने की नीरज चोपड़ा की चाहत थी वो अब पूरा हो गया है। नीरज ने 90 मीटर की दीवार को लांघ दिया है। दोहा डायमंड लीग में भारत के स्टार एथलीट ने 90.23 मीटर का थ्रो फेंकते हुए इतिहास रच डाला। अपने करियर में पहली बार नीरज ने 90 मीटर का थ्रो फेंका है और वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत की ओर से पहले जैवलिन थ्रोअर भी हैं। साल 2025 में पहली बार मैदान पर उतरे नीरज ने तीसरे प्रयास में यह ऐतिहासिक थ्रो फेंकते हुए एक बार फिर देश का नाम रोशन करके दिखाया है। इससे पहले नीरज का बेस्ट थ्रो 89.94 मीटर का था, जो स्टॉकहोम डायमंड लीग में आया था।

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास

जैवलिन थ्रो इतिहास के सबसे दिग्गज खिलाड़ी और ओलंपिक चैंपियन यान जैलेज्नी की कोचिंग में पहली बार मैदान पर उतरे नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच डाला है। दोहा डायमंड लीग में नीरज के हाथ से वो ऐतिहासिक थ्रो निकला है, जिसका इंतजार शायद हर भारतीय को था। नीरज ने 90 मीटर की दीवार को तोड़ते हुए कतर की राजधानी में कमाल कर डाला। भारतीय स्टार एथलीट ने अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का थ्रो फेंका, जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी है। इससे पहले साल 2022 में स्टॉकहोम डायमंड लीग में नीरज का बेस्ट प्रदर्शन सामने आया था, जब उन्होंने 89.94 मीटर का थ्रो फेंका था।

कोच बदलने का फैसला बन गया वरदान

नीरज चोपड़ा ने पिछले सीजन के अंत के साथ ही क्लॉस बार्टोनीट्ज का साथ छोड़ने का फैसला किया था। नीरज क्लॉस की देखरेख में ही ओलंपिक में दो पदक जीतने में सफल रहे थे। मगर नीरज की चाहत बड़ी थी। यही वजह थी कि उन्होंने कोच बदलने का फैसला लिया। नीरज ने चेक रिपब्लिक के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी यान जैलेज्नी को अपना नया कोच बनाया और यह फैसला उनके लिए वरदान साबित हो गया। जैलेज्नी के मार्गदर्शन में पहली बार ग्राउंड पर उतरते ही नीरज ने 90 मीटर का वो मिशन पूरा कर लिया, जिसके लिए वह सालों से तैयारी में जुटे हुए थे।


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