आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए आरसीबी ने खिताब अपने नाम किया था। टीम में एक घातक गेंदबाज ऐसा भी था जो कि टीम के लिए इस सीजन एक भी मैच नहीं खेला लेकिन विश्व क्रिकेट में अब वो अपनी छाप छोड़ता हुआ नजर आ रहा है। जिम्बाब्वे के 6 फीट 8 इंच लंबे गेंदबाज ब्लेसिंग मुज़ारबानी ने अपनी धमाकेदार गेंदबाजी से एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। जिम्बाब्वे क्रिकेट के इतिहास के पन्नों को पलटते हुए अब वो टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 50 विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
महज 11 मैचों में पूरे किए 50 विकेट
ब्लेसिंग मुज़ारबानी की साल 2024 में टेस्ट टीम में वापसी हुई थी और उसके बाद से ही वो लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जिम्बाब्वे के लिए उन्होंने 11 मैचों की 18 पारियों में ही अपने टेस्ट करियर के 50 विकेट पूरे कर लिए हैं। मुज़ारबानी से पहले इस लिस्ट में टॉप पर हीथ स्ट्रीक का नाम था। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में ये उपलब्धि हासिल करने के लिए 11 मैचों की 20 पारियां ली थी। यहां देखिए जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 50 विकेट लेने वाले गेंदबाज
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| क्रमांक | खिलाड़ी का नाम | मैच | पारियां |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्लेसिंग मुज़रबानी | 11 | 18 |
| 2 | हीथ स्ट्रीक | 11 | 20 |
| 3 | रे प्राइस | 15 | 23 |
| 4 | एंडी ब्लिगनॉट | 15 | 25 |
| 5 | ग्राहेम क्रीमर | 17 | 24 |
मुज़ारबानी का टेस्ट करियर कैसा रहा?
ब्लेसिंग मुज़ारबानी को पहली बार साल 2017 में जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले पहले मैच में तो वो कुछ खास कमाल नहीं कर पाए लेकिन दूसरे मैच से उन्होंने अपनी लय हासिल करते हुए 6 विकेट झटके। मुज़ारबानी टीम के लिए अब तक 13 मैचों की 20 पारियों में 54 विकेट हासिल कर चुके हैं। अपने छोटे से करियर में ही वो 3 बार 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा भी कर चुके हैं। टेस्ट के अलावा वनडे और टी20 इंटरनेशनल में भी वो टीम के लिए 147 विकेट झटक चुके हैं। फिलहाल वो साउथ अफ्रीका के साथ सीरीज में टीम का हिस्सा हैं।
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आरसीबी की तरफ से नहीं मिला खेलने का मौका
आरसीबी की टीम में इस सीजन कई खिलाड़ी इंजरी का शिकार हुए थे तो कई खिलाड़ियों को अपनी नेशनल ड्यूटी पर जाना था। ऐसी स्थिति में साउथ अफ्रीका के लुंगी एनगिडी की जगह आरसीबी ने मुज़ारबानी को 70 लाख रुपये देकर टीम में शामिल किया था। हालांकि उनको एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला और बिना कोई मैच खेले ही वो आईपीएल खिताब के विजेता बन गए।
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