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MS Dhoni क्यों नहीं करते कमेंट्री? कैप्टन कूल ने खुद किया असली वजह का खुलासा

MS Dhoni: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने हाल ही में बताया कि उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद अभी तक कॉमेंट्री बॉक्स से दूरी क्यों बनाए रखी है. धोनी ने इसके पीछे की बड़ी वजह का खुलासा करते हुए कहा है कि कॉमेंट्री करना उतना आसान नहीं है, जितना बाहर से लगता है.

MS Dhoni

MS Dhoni on Commentary: भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हुए नजर आते हैं. आमतौर पर देखा जाता है कि संन्यास के बाद खिलाड़ी कमेंट्री करने लगते हैं और धोनी के साथ खेल चुके पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक भी कमेंट्री कर रहे हैं, लेकिन कैप्टन कूल ने अभी तक कमेंट्री बॉक्स से दूरी बनाए रखी है. वहीं, अब धोनी ने खुद कॉमेंट्री नहीं करने के पीछे की बड़ी वजह बताई है.

धोनी क्यों नहीं करते कमेंट्री?

एमएस धोनी ने कमेंट्री नहीं करने के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए बताया है कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए वह खुद को इस रोल के लिए फिट नहीं मानते. यूट्यूब पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू से बातचीत में धोनी ने कहा, “कमेंट्री बहुत मुश्किल काम है. मुझे लगता है कि खेल को बताने और उसी दौरान खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत पतली लाइन होती है. कई बार पता भी नहीं चलता और आप उस लाइन को पार कर जाते हैं.”

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धोनी ने आगे बताया कि कमेंट्री की सबसे बड़ी कला यह है कि आप अपनी बात कैसे रखते हैं. अगर कुछ गलत हो रहा है तो उसे कहना जरूरी है, लेकिन उसे इस तरह कहना भी जरूरी है कि किसी को बुरा न लगे. टीम अगर हार रही है तो उसके पीछे कारण होते हैं और उन कारणों को बिना किसी पर उंगली उठाए बताना ही असली कमेंट्री है.

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मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं - धोनी

धोनी का कहना है कि वह आंकड़ों के मामले में कच्चे हैं. उन्होंने कहा, “मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं. लेकिन बहुत लोग ऐसे हैं जिन्हें खिलाड़ियों के पूरे करियर के आंकड़े याद रहते हैं. अगर आप मुझसे मेरे ही आंकड़ों के बारे में पूछ लें, तो मैं भी सोच में पड़ जाऊंगा.”

उन्होंने कहा, “मैं खुद को एक अच्छा श्रोता मानता हूं. मैं उन्हीं लोगों से खुलकर बात करता हूं जिनके साथ सहज महसूस करता हूं. वैसे मैं बोलने से ज्यादा सुनना पसंद करता हूं. अगर किसी विषय की मुझे पूरी जानकारी नहीं होती, तो मैं उस पर ज्यादा बोलता नहीं हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि सुनने से ज्यादा सीखने को मिलता है.” यही वजह है कि धोनी खुद को कॉमेंट्री बॉक्स से दूर ही रखते हैं.

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