Former Cricketer: क्रिकेट की दुनिया में एक नाम है मोहिंदर अमरनाथ, जिनकी जिंदगी और करियर ने हमेशा चर्चा का विषय बना है। पाकिस्तान दौरे से लेकर BCCI तक, अमरनाथ के अनुभव और खुलासे हमेशा चौंकाने वाले रहे हैं। एक ऐसी भविष्यवाणी जिसने उन्हें 101 रन बनाने की दिशा दिखाई, एक कप्तान जिसने टीम को बचाने के लिए साहस दिखाया और वो विवादित नाम जो उनके क्रिकेट करियर के साथ जुड़ा। क्या था उस दौर का सच? जानिए अमरनाथ के जिंदादिल और अनुभवों के बारे में, जो उन्होंने खुद शेयर किए हैं।
BCCI को उनसे हमेशा दिक्कत रही
पूर्व क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ ने BCCI, रोहित शर्मा और विराट कोहली के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि बीसीसीआई को अमरनाथ नाम से समस्या थी और इसी कारण उन्हें भी परेशानी हुई। अगर उनका सरनेम कुछ और होता, तो शायद उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाता। यह बयान उस समय के बारे में है जब क्रिकेट में उनके नाम की वजह से मुश्किलें आईं। उनका मानना था कि अगर उनका नाम कुछ अलग होता तो उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। एक बार जब वे पाकिस्तान दौरे पर जा रहे थे, एक पंडित ने भविष्यवाणी की थी कि वे टीम में रहेंगे और 101 रन बनाएंगे। पहले इनिंग में वे केवल 37 रन पर आउट हुए, लेकिन दूसरे इनिंग में उन्होंने ठीक 101 रन बनाए।
पाकिस्तान दौरे की हैरान करने वाली घटना
अमरनाथ ने पाकिस्तान दौरे के दौरान हुई एक दिलचस्प घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान दौरे पर जाने से पहले हमारे मैनेजर ने हमें शराब लेने की सलाह दी थी। पाकिस्तान जैसे इस्लामिक देश में शराब पीने की बात पर हमें लगा कि ऐसा कैसे होगा, लेकिन जब वहां पहुंचे, तो पता चला कि वहां तो शराब की नदियां बह रही थीं। एक पार्टी में पाकिस्तानी खिलाड़ी भी थे, और जब हम पहुंचे तो अंधेरा था। तभी 7 सेना के जवान AK-47 के साथ आए और बोले कि शराब पीने पर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सुनील गावस्कर ने कहा, "अगर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को गिरफ्तार करोगे, तो हमें भी करो," और फिर सब छूट गए।
रोहित शर्मा, विराट कोहली और चयनकर्ताओं पर टिप्पणी
अमरनाथ ने क्रिकेट चयनकर्ताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी सीनियर होते हैं, तो वे मजबूत फैसले नहीं ले पाते और चयनकर्ताओं का अनुभव भी महत्वपूर्ण होता है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के बारे में मजबूत निर्णय लेने के लिए एक सक्षम सिलेक्टर की जरूरत होती है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बिशन सिंह बेदी और इमरान खान एक बेहतरीन कप्तान थे, जो अपने खिलाड़ियों के लिए हमेशा खड़े रहते थे। वे मानते थे कि कप्तान को हमेशा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
बचपन की क्रिकेट परवरिश और वर्ल्ड कप में योगदान
अमरनाथ ने अपने बचपन के बारे में भी कुछ बातें शेयर की। उन्होंने बताया कि उनके घर में क्रिकेट का माहौल था, जहां पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट पर ध्यान दिया जाता था। उनके पिता ने हमेशा उन्हें सिखाया कि कैसे आक्रामक होकर खेलें और तेज गेंदबाजों का सामना करें। अमरनाथ ने कहा कि उनके पिता के ट्रेनिंग के कारण ही वे क्रिकेट में सफल हुए। अमरनाथ के भाई राजेंद्र ने कहा कि अगर बचपन में उन्होंने मोहिंदर को पिटाई नहीं की होती, तो शायद वह एक अभिनेता बनते। राजेंद्र ने यह भी कहा कि अगर मोहिंदर 1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं होते, तो भारत यह टूर्नामेंट नहीं जीत सकता था।