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IND vs NZ 3RD ODI: टीम इंडिया को ये 4 गलतियां सुधारनी बेहद जरूरी, वरना हाथ से फिसल सकती है सीरीज

India vs New Zealand 3rd ODI: न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा और राजकोड में खेले गए पिछले 2 वनडे मैचों में टीम इंडिया की कुछ ऐसी कमियां सामने आई हैं, जिन्हें इंदौर में हर हाल में सुधारना होगा, वरना कीवी टीम भारत के खिलाफ भारी पड़ सकती है.

These 4 Things Team India Should Improve in 3RD ODI: टीम इंडिया को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में 18 जनवरी 2026 को वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेलना है. फिलहाल सीरीज 1-1 से बराबरी पर है, ऐसे में रविवार को दोनों टीमों के लिए 'करो या मरो' की स्थिति है. पिछले 2 वनडे मुकाबलों में भारत की ऐसी 4 गलतियां सामने आई हैं, जिसे इंदौर में हार हाल में सुधारना होगा, वरना टीम इंडिया के लिए ये सीरीज जीतना मुश्किल हो सकता है. आइए जानते हैं कि उन 4 मिस्टेक्स पर डालते हैं एक नजर.

इंदौर में टीम इंडिया सुधारे ये 4 गलतियां

1. टॉप ऑर्डर में बड़ी पार्टनरशिप की कमी

भारत के टॉप ऑर्डर को लापरवाह रवैये से हटकर ज्यादा जिम्मेदार अप्रोच अपनाना होगा. बैटिंग डेप्थ कम होने की वजह से रोहित शर्मा और शुभमन गिल को पारी को संभालना होगा. एक अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप और दोनों में से किसी एक या दोनों का बड़ा स्कोर, एक बड़ा टोटल बना सकता है और मैच को पूरी तरह से भारत के पक्ष में कर सकता है.

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2. अर्शदीप रहे दोनों वनडे से बाहर

हालांकि भारत के पेसर्स ने अनुशासित गेंदबाजी की है, लेकिन उनमें लगातार विकेट लेने की क्षमता की कमी रही है, खासकर पावरप्ले में. अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल करने से इस चिंता को दूर किया जा सकता है. एक लेफ्ट-आर्म सीमर के तौर पर अर्शदीप वैरायटी और नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवर्स में स्किल्स लाते हैं, जो भारत को पारी के अहम पड़ावों पर दबाव बनाने में मदद कर सकते हैं.

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3. नीतीश रेड्डी को नहीं मिला है क्लियर रोल

टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशे के कमेंट्स के बाद नितिश कुमार रेड्डी की यूटिलाइजेशन पर चर्चा हुई है, जिन्होंने इशारा दिया कि ऑलराउंडर अब तक भरपूर असर नहीं डाल पाए हैं. हालांकि, ये मुद्दा एबिलिटी से ज्यादा रोल की क्लैरिटी का लगता है. तीसरे वनडे में, भारत रेड्डी का नए गेंद के साथ ज्यादा करने पर विचार कर सकता है, जहां उनकी स्विंग बनाने की क्षमता पावरप्ले में उपयोगी साबित हो सकती है. इसके अलावा, उन्हें मिडिल ऑर्डर में एक निर्धारित बल्लेबाजी रोल में भी शामिल करना जरूरीहै, जिससे वो ज्यादा कॉन्फिडेंस के साथ परफॉर्म कर पाएं.

4. जडेजा की खराब फॉर्म

वडोदरा और राजकोट दोनों ही वनडे में रवींद्र जडेजा की फॉर्म टीम इंडिया के लिए टेंशन बना हुआ है. बेहतरीन ऑलराउंडर होने के बावजूद वो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही फील्ड में नाकाम रहे हैं. बॉलिंग की बात करें तो उन्होंनें 2 पारियों में 0/44 और 0/56 का फिगर हासिल किया. इसके अलवा बैटिंग में सिर्फ 4 और 27 रन ही बनाए. अगर वो कमबैक करते हैं तो ये भारत के लिए खुशखबरी होगी.


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