Sunil Gavaskar On Shivam Dube: इंडियन क्रिकेट लेजेंड सुनील गावस्कर का मानना है कि शिवम दुबे ने 'लेट ऑर्डर हिटर' के टैग को पीछे छोड़ दिया है और अब वो भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल मैच में एक बेहतरीन असेट के तौर पर शेप ले रहे हैं. विशाखापत्तनम टी20 इंटरनेशनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की हार के बावजूद गावस्कर का मानना है कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम के लिए बल्ले और गेंद दोनों से दुबे की ग्रोथ सबसे पॉजिटिव चीजों में से एक है.
'बदल गया दुबे का रोल'
विशाखापत्तनम में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की 50 रन की हार के बावजूद मैच ने दिखाया कि मैच के हालात के आधार पर सीरीज में दुबे की भूमिका कैसे बदल गई है. रायपुर मे उन्हें देर से स्पीड देने की जरूरत थी और उन्होंने 18 गेंदों में 36 रन की तेज पारी खेली. हालांकि, वाइजैग ने बहुत अलग रिएक्शन की मांग की. भारत 4 विकेट पर 63 रन से जूझ रहा था जब दुबे मैदान में उतरे और रिंकू सिंह के आउट होने से उन्हें भरोसेमंद सपोर्ट नहीं मिला. मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए गावस्कर ने इस बात पर जोर डाला कि दुबे ने प्रेशर को कैसे संभाला.
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मौके का फायदा उठाया
'मुझे लगा कि उसने इस मौके को बहुत अच्छे से भुनाया. जैसा कि आपने कहा, जब आप छठे या 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं, तो शायद आपको भारतीय मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप के खिलाफ 3 या 4 ओवर खेलने को मिलते हैं. लेकिन इस बार भारत ने जल्दी विकेट गंवाए, और उसे जल्दी बल्लेबाजी के लिए आना पड़ा. उसने पहले ही गेंद से अपने इरादे दिखा दिए, वो पहली गेंद का सिक्स में बहुत लंबा था, सीधे दूसरे टियर तक गया.'
फिनिशर से कहीं बढ़कर
विशाखापत्तनम में दुबे की पारी ने उनके रोल में क्लियर शिफ्ट को मार्क किया. उन्होंने मिचेल सैंटनर की गेंद पर छक्के के साथ शुरुआत की और दूसरे छोर पर विकेट गिरने के बाद भी अटैक करना जारी रखा. अक्सर किसी ऐसे शख्स के रूप में लेबल किया जाता है जो खास तौर से स्पिन के खिलाफ पनपता है, दुबे ने दिखाया कि वो पेस के खिलाफ उतना ही नुकसानदेह हो सकते हैं. उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो टी20आई में किसी भारतीय की तरफ तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है.
गावस्कर ने कहा, 'जब आप इस तरह के शॉट को जल्दी मारते हैं, तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ जाता है. वो जानते हैं कि अगर वो कनेक्ट करते हैं, तो गेंद स्टैंड में जा रही है क्योंकि उसके पास वो ताकत, स्विंग और टाइमिंग है. ये भारत के लिए तीसरा सबसे तेज अर्धशतक था, जो रिमार्केबल है - आप युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और अब शिवम दुबे के बारे में बात कर रहे हैं.
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उन्होंने कहा, 'ये फैक्ट कि वो कुछ ओवर भी फेंक सकता है, जिससे वो इतने वैल्युएबल खिलाड़ी बन जाते हैं. और पहले आने के बाद वो अब खुद को केवल एक फिनिशर के तौर पर नहीं देखेंगे. उन्हें यकीन होगा कि वो पारी का निर्माण कर सकते हैं और इसे खत्म भी कर सकते हैं, खासकर प्रेशर सिचुएशन में.