Ranji Trophy Final Venue Shifted: बेंगलुरु के क्रिकेट फैंस को उम्मीदें थीं कि वो अपने शहर में आकिब नबी और केएल राहुल के बीच खिताबी जंग देखेंगे, लेकिन उनका ये सपना टूट गया. दरअसल कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने कंफर्म किया है कि कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच होने वाला रणजी ट्रॉफी फाइनल बेंगलुरु के बजाय हुबली शहर में होगा. ये मैच 24 फरवरी को शुरू होने वाला था, और पहले यह एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना था. हालांकि बेंगलुरु वेन्यू पर चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी बढ़ाने के कामों की वजह से एसोसिएशन ने बीसीसीआई से सलाह-मशविरा करने के बाद इस बड़े मैच को हुबली के केएससीए स्टेडियम में शिफ्ट करने का फैसला किया.
फैंस की सुविधा के लिए लिया गया फैसला
केएससीए अधिकारियों के मुताबिक, राज्य की बनाई एक्सपर्ट कमिटी और दूसरी कानूनी अथॉरिटीज की सिफारिशों के हिसाब से चिन्नास्वामी स्टेडियम में अभी बड़े अपग्रेड किए जा रहे हैं. कई दर्शकों के गेट और आने-जाने के रास्ते हटाए और चौड़े किए जा रहे हैं, साथ ही दूसरे जरूरी सुधार भी किए जा रहे हैं. काम के स्केल को देखते हुए, एसोसिएशन को लगा कि इतने जरूरी मैच के लिए हाई-क्वालिटी मैच देखने का एक्सपीरिएंस और फैंस की पूरी सुविधा एनश्योर करना मुमकिन नहीं होगा.
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जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक की जंग
8 बार की चैंपियन कर्नाटक टीम 2014-15 सीजन के बाद पहली बार रणजी ट्रॉफी के फ़ाइनल में पहुंची है. लखनऊ में सेमीफाइनल में उत्तराखंड के ख़िलाफ़ पहली इनिंग में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद वो फाइनल में पहुंचे. उनके विरोधी, जम्मू और कश्मीर पहली बार फाइनलिस्ट हैं, जिन्होंने कल्याणी में दूसरे सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराया था.
'एक अच्छा कदम'
KSCA अधिकारियों ने जगह बदलने को एक अच्छा कदम बताया और इसे एक तरह का आशीर्वाद बताया. हुबली में फाइनल होस्ट करना, भारत के पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद की लीडरशिप में नई चुनी गई KSCA मैनेजिंग कमेटी के विजन के मुताबिक है. इस कदम का मकसद पूरे राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देना, रीजनल फ़ैन एंगेजमेंट बढ़ाना और बेंगलुरु से आगे स्पोर्टिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है.