नई दिल्ली: टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में करारी हार का सामना करना पड़ा। भारतीय बल्लेबाज इस अहम मुकाबले में एक बार फिर फ्लॉप रहे। दूसरी पारी में 444 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया केवल 234 रन पर ऑलआउट हो गई। WTC Final में भारत को मिली हार के बाद पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और कप्तान सौरव गांगुली टीम इंडिया के प्रदर्शन से निराश दिखाई दिए। गांगुली का मानना है कि बड़े मैचों में भारतीय बल्लेबाजों को बड़ी पारी खेलने की आदत डालनी होगी।
मैच विनिंग परफॉर्मेंस लानी पड़ेगी
सौरव गांगुली ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा- मैच विनिंग परफॉर्मेंस लानी पड़ेगी। जैसे स्टीव स्मिथ और ट्रेविस हेड ने किया, जैसे धोनी और गंभीर ने 2011 में किया था। खिलाड़ी को 90-100 रन बनाने पड़ेंगे, तभी आप बडे़ मैच जीत पाओगे। जैसे रिकी पोंटिंग ने 2003 में किया था 2003 में और यहां स्मिथ और हेड ने किया।
एक या दो मैच जीत जाएंगे, लेकिन बड़े मैच नहीं जीत पाएंगे
गांगुली ने आगे कहा- हमारे समय, अभी और भविष्य में भी, यदि आपको आगे बड़े मैच जीतने हैं और टेस्ट की किसी एक पारी में 350-400 रन नहीं बनाएंगे तो आप जीतने की स्थिति में नहीं पहुंच सकते। आप एक या दो मैच जीत जाएंगे, लेकिन बड़े मैच नहीं जीत पाएंगे।
बड़ा खिलाड़ी वो होता है जो बड़े मंच पर आकर ट्रॉफी जिताए
वहीं, हरभजन सिंह ने भी टीम इंडिया की करारी हार पर निराशा जताई। उन्होंने कहा- बड़ा खिलाड़ी वो होता है जो बड़े मंच पर आकर अपने देश को ट्रॉफी जिताए। जैसा स्मिथ ने किया। आपके पर्सनल रिकॉर्ड्स एक साइड, लेकिन बड़े मैच में बड़ी परफॉर्मेंस देनी होगी। 2013 के बाद 10 साल हो चुके हैं। फाइनल में आकर हार जाते हो, रन नहीं बनाते हो तो इसका कोई तो कारण होगा। भज्जी ने आगे कहा- आप ढाई दिन का मैच खेलकर और जीत हासिल करके आप फेक कॉन्फिडेंस पाते हैं, ये अब नहीं चलेगा। आपको टेस्ट मैच जीतने के लिए मेहनत करनी होगी।