Imran Khan: सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत कुछ पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी करके पाकिस्तान सरकार से यह पक्का करने की अपील की है कि पूर्व प्रधानमंत्री और वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान इमरान खान को तुरंत और सही मेडिकल मदद मिले और हिरासत में उनके साथ इज्जत से पेश आया जाए. 17 फरवरी को जारी इस स्टेटमेंट में कहा गया है कि पूर्व कप्तान जेल में रहने के दौरान खान की नजर में तेजी से आई गिरावट की खबरों और पिछले ढाई साल में उनकी हिरासत के हालात को लेकर बहुत परेशान हैं.
इन 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने की अपील
साइन करने वालों में माइकल एथरटन, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, सुनील गावस्कर, डेविड गॉवर, किम ह्यूजेस, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, कपिल देव, स्टीफन वॉ और जॉन राइट शामिल हैं. स्टेटमेंट में लिखा था, 'हम, अपनी नेशनल क्रिकेट टीमों के साइन करने वाले पूर्व कप्तान, पाकिस्तान के जाने-माने पूर्व कप्तान और वर्ल्ड क्रिकेट के एक महान खिलाड़ी इमरान खान के साथ कथित तौर पर किए गए बर्ताव और जेल के हालात के बारे में गहरी चिंता के साथ लिख रहे हैं.'
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इमरान के योगदान को दिलाया याद
इस ग्रुप ने खेल में खान के योगदान पर जोर दिया, और याद किया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान को 1992 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दिलाई. उन्होंने इस जीत को लीडरशिप, हिम्मत और खेल भावना पर बनी जीत बताया, जिसने सीमाओं के पार की पीढ़ियों को प्रेरित किया.
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'हमने मैदान शेयर किया है'
बयान में आगे कहा गया, 'हममें से कई लोगों ने उनके खिलाफ मुकाबला किया, उनके साथ मैदान शेयर किया, या उनकी हरफनमौला काबिलियत, करिश्मा और मुकाबले की भावना को अपना आदर्श मानते हुए बड़े हुए. वो खेल के अब तक के सबसे बेहतरीन ऑल-राउंडर और कप्तानों में से एक हैं.'
'अच्छा सलूक किया जाए'
कप्तानों ने पाकिस्तान के लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के तौर पर खान के समय का भी ज़िक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, वो इंसानी बर्ताव के हकदार हैं.न्होंने पाकिस्तान सरकार से ये एनश्योर करने की अपील की कि खान को काबिल स्पेशलिस्ट से तुरंत और लगातार मेडिकल केयर मिले, हिरासत में इंसानी हालात हों, जिसमें रेगुलर परिवार से मिलना भी शामिल हो, और बिना किसी देरी के कानूनी प्रक्रियाओं तक सही और पारदर्शी पहुंच हो.
अपील में कहा गया, 'क्रिकेट लंबे समय से देशों के बीच एक पुल का काम करता रहा है. मैदान पर हमारा साझा इतिहास हमें याद दिलाता है कि स्टंप गिरने पर दुश्मनी खत्म हो जाती है और सम्मान बना रहता है. ये अपील खेल भावना और आम इंसानियत की भावना से की गई है, बिना किसी कानूनी कार्रवाई पर कोई असर डाले.'