AFG vs PAK 2nd ODI Naseem Shah Batting: पाकिस्तान के प्लेयर नसीम शाह ने एक बार फिर बड़ा धमाका कर दिखाया है। अफगानिस्तान के खिलाफ गुरुवार को हंबनटोटा में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में नसीम फिनिशर बनकर उभरे। उन्होंने पांचवीं गेंद पर चौका ठोक अफगानिस्तान के जबड़े से जीत छीन ली। निचले क्रम पर नसीम की धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने इस मुकाबले में 1 बॉल शेष रहते 1 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।
आखिरी ओवर का रोमांच
इस मुकाबले में आखिरी ओवर बेहद रोमांचक रहा। 301 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान को आखिरी ओवर में 6 गेंदों में 11 रन की जरूरत थी। शादाब खान शानदार लय में थे और वे 35 गेंदों में 48 रन जड़ चुके थे। उन्होंने 49वें ओवर की लास्ट दो गेंदों में एक चौका और एक छक्का ठोक डाला था। मैच में कड़ी टक्कर चल रही थी।
अब फजलहक फारूकी आखिरी ओवर की पहली गेंद डालने आए तो नॉन स्ट्राइकर एंड से शानदार बल्लेबाजी करने वाले शादाब खान ने क्रीज छोड़ दी। उन्हें आगे जाता देख फारूकी ने मांकडिंग कर गिल्लियां बिखेर डालीं। आखिरकार शादाब को आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा।
नसीम शाह ने उठाई जिम्मेदारी
अब टीम को जिताने की पूरी जिम्मेदारी नसीम शाह के कंधे पर आ गई। नसीम पहले भी अफगानिस्तान के खिलाफ ये कारनामा कर चुके थे। इसलिए वे कॉन्फिडेंट थे। उन्होंने पहली ही गेंद पर कवर की ओर शानदार चौका कूट डाला। इसके बाद दूसरी गेंद पर वे रन नहीं ले पाए। तीसरी पर उन्होंने एक रन लेकर हारिस रऊफ को स्ट्राइक दे दी। रऊफ ने चौथी गेंद पर तीन रन ले लिए। अब बारी थी पांचवीं गेंद की और सामने खड़े थे नसीम शाह।
जैसे ही फारूकी ने गेंद डाली, नसीम ने हाथ खोले और बॉल उनके बल्ले का किनारा लेते हुए थर्ड मैन की ओर चली गई। यहां कोई भी फील्डर न होने की वजह से ये बॉल बाउंड्री पार कर गई। ये चौका लगते ही नसीम खुशी के मारे भागे। उन्होंने ग्लव्स उतारे, बल्ला फेंका और एग्रेशन के साथ जीत का जश्न मनाया।
टी-20 एशिया कप की दिलाई याद
नसीम ने 5 गेंदों में नाबाद 10 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी ने पिछले साल सितंबर में खेले गए टी-20 एशिया कप की याद दिला दी। सुपर-4 राउंड के चौथे मैच में पाकिस्तान ने इसी तरह अफगानिस्तान को एक विकेट से हराकर फाइनल में एंट्री ली थी। इस मैच में नसीम ने दो बेहतरीन छक्के ठोक मैच को पूरी तरह से पलट दिया था। खास बात यह है कि उस वक्त भी नसीम के सामने फजलहक फारूकी थे।