The Hundred 2026: भारत से खराब संबंध के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खामियाजा अब इंग्लैंड की धरती पर भी भुगतना पड़ सकता है. द हंड्रेड की 4 टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ऑक्शन में न खरीदने का फैसला किया है. द हंड्रड 2026 में 4 टीमों के मालिक भारतीय हैं. ऐसे में इन 4 टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न खरीदने का फैसला किया है.
पाकिस्तानी खिलाड़ियों की आई शामत
द हंड्रेड लीग में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स के मालिक भारतीय हैं, जिन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न खरीदने का फैसला किया है. द हंड्रेड की नीलामी 2 दिन तक चलेगी. 11 मार्च को महिला और 12 मार्च को पुरुष खिलाड़ियों पर बोली लगने वाली है. ये ऑक्शन इंग्लैंड की राजधानी लंदन में आयोजित होगा. ऑक्शन में करीब 1 दुनियाभर के 1 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं.
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ईसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनौपचारिक तौर पर एक खिलाड़ी एजेंट से बात करते हुए बताया है कि आईपीएल से जुड़ी चारों फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर बोली नहीं लगाएंगी. ईसीबी के कार्यकारी अध्यक्ष रिचर्ड गोल्ड से इससे पहले पूछा जा चुका है कि क्या भारतीय निवेश के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खेलने की इजाजत दी जाएगी, इस पर उन्होंने कहा था कि किसी भी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं होगा. द हंड्रेड लीग में मोहम्मद आमिर, इमाद वसीम, शाहीन अफरीदी, शादाब खान, हारिस रऊफ जैसे स्टार खिलाड़ी भाग ले चुके हैं.
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भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद जारी
भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद जारी है. साल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अभी भी चरम पर है. भारतीय टीम ने पाकिस्तान का विरोध करते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ तक नहीं मिलाया था. ने हैंडशेक विवाद टी-20 वर्ल्ड कप में भी जारी है. जानकारी के लिए बता दें कि आईपीएल का पहला सीजन साल 2008 में खेला गया था और इस सीजन पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी अलग अलग टीमों के लिए खेला था. इसके बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया.
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