Space Science News: वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में बहुत दूर से आ रहे एक सिग्नल को रिकॉर्ड किया है, जिसे हम तक यानी पृथ्वी तक पहुंचने में आठ अरब साल लग गए। वैज्ञानिकों की एक टीम ने इसका पता लगाया है। उनके लिए यह रहस्य का विषय बना हुआ है कि यह कहां से आ रहा है यानी इसका स्रोत क्या है। साइंस जर्नल में प्रकाशित एक पेपर में यह बात कही गई है। इसके मुताबिक एक खास तरह के सिग्नल फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRP) एक ब्रह्मांडीय घटना है। टीम इस नतीजे पर पहुंची कि आज के समय के दूरबीनों से हम लगभग आठ अरब साल पुराने एफआरबी का पता लगा सकते हैं।
यह अभी तक देखे गए सबसे दूर और ज्यादा उर्जा वाले सिग्नल में से एक हैं। 2007 में पहले एफआरबी को खोजा गया था। इसके बाद से दूर ब्रम्हांड से आने वाली ऐसी सैकड़ों सिग्नल्स का पता लगाया जा चुका है। साइंस जर्नल में गुरुवार को प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, FRB 20220610A नाम का विस्फोट एक मिलीसेकंड से भी कम समय तक चला।
एफआरबी का अध्ययन करना बहुत चुनौती भरा होता है। ऊर्जा के इन बड़े विस्फोटों की वजह के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है। अध्ययन से पता चलता है कि एफआरबी ब्रह्मांड में सामान्य घटनाएं हैं।
एफआरबी रेडियो तरंगों की तीव्रता ज्यादा ह, लेकिन ये छोटी होती हैं। वे हमारे सेल फोन या माइक्रोवेव से निकलने वाली रेडिएशन की तरह हैं। हालांकि वे ब्रह्मांड में दूर के स्रोतों से उत्पन्न होते हैं। एफआरबी बहुत दुर्लभ हैं। दुनिया के सबसे संवेदनशील रेडियो, टेलीस्कोप और कंप्यूटिंग सिस्टम होने के बावजूद भी खगोलविदों के लिए एफआरबी का पता लगाना बहुत ज्यादा चुनौती भरा है और यह बहुत मुश्किल काम है।
स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के नए अध्ययन के लेखक रयान शैनन ने न्यूजवीक को बताया कि एफआरबी “एक सेकंड के केवल एक छोटे से हिस्से तक ही टिकते हैं।” शेनन ने आगे बताया कि “ज्यादातर एफआरबी रिपीट नहीं होते हैं। इसका मतलब है कि अगर हम समझना चाहते हैं कि वे क्या हैं या वे कहां से आते हैं तो हमें तुरंत प्रतिक्रिया देने और पृथ्वी के पास से इसके गुजरते समय सेकंड के कुछ हजारवें हिस्से में ही उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत है।” एसोसिएट प्रोफेसर शैनन का कहना है कि इनका उपयोग आकाशगंगाओं के बीच पदार्थ का पता लगाने और ब्रह्मांड की संरचना को बेहतर ढंग से समझने के लिए किया जा सकता है।
नए अध्ययन में पाया गया FRB अब तक पता लगाया गया सबसे अलग और पुराना है। ज्यादा उर्जा वाली FRB लगभग आठ अरब वर्ष पहले असामान्य रूप से उत्पन्न हुई थी। लेखकों के मुताबिक इस नई खोज से ब्रह्मांड के बारे में नए डेटा का पता चलता है।
संबंधित खबरें
फ्रांसिस हैल्जेन ने जीता फिजिक्स का नोबेल प्राइज 2026
1 day ago'ऑप्टोजेनेटिक्स' पर काम करने वाले 3 साइंटिस्ट्स को मेडिसिन में नोबेल प्राइज
2 days agoखतरे में है कैलिफोर्निया! प्रशांत महासागर में पनप रहा है El Nino
5 days agoSpaceX का रॉकेट Starship लॉन्च, वहां जाने का इरादा जहां कोई इंसान न गया हो
9 days agoअंतरिक्ष में मिल गया जीवन? करोड़ों किमी दूर एक ग्रह से आ रहे रेडियो सिग्नल
11 days agoAI बताएगा बारिश का हाल, लेकिन 2070 की तैयारी आज से करनी होगी
12 days agoचक्रवात का कैसे पड़ा नाम 'अर्नब', क्या मचाने वाला है कोहराम?
15 days agoSunita Williams: 'पृथ्वी पर किस चीज को हम लेते हैं फॉर ग्रांटेड, जो स्पेस में नहीं?'
28 days agoमौसम का सितम नहीं झेल पाएंगे भारत के ये शहर! दुनिया के टॉप 20 'डेंजर' सिटी में शामिल
29 days ago'बेबुनियाद और गलत', ISRO ने निजीकरण की अफवाहों पर दिया करारा जवाब
31 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines