डॉ. आशीष कुमार। पृथ्वी के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (Tropical region) में उठने वाले तूफानों का अध्ययन करने के लिए नासा (NASA) की ‘ट्रॉपिक्स मिशन’ (TROPICS MISSION) लॉन्च करने की योजना है। ट्रॉपिक्स की फुल फॉर्म है ‘टाइम रिजॉल्ड ऑब्जर्वेशन ऑफ प्रिसिपिटेशन स्ट्रक्चर एंड स्टॉर्म इंटेनसिटी विद ए कान्सटिलेशन ऑफ स्मालसेट’ (Time-Resolved Observations of Precipitation structure and storm Intensity with a Constellation of Smallsats)।
इस मिशन में नासा अंतरिक्ष में छह छोटी सैटेलाइट भेजगा। सभी सैटेलाइट आपस में मिलकर काम करेंगी। इस तालमेल को नासा ने सैटेलाइटों को तारामंडमल (Constellation) का नाम दिया है। भेजे जाने वाली सैटेलाइटों को ‘थ्रीयू क्यूब सैटेलाइट’ (3U Cube Satellite) कहा गया है। ये मिनिएचर कैटेगरी यानी छोटे आकार की सैटेलाइट होंगी, जिनमें प्रत्येक का वजन भी कम होगा।
ट्रॉपिक्स मिशन में भेजे जाने वाली सैटेलाइटों द्वारा ट्रॉपिकल यानी उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में तापमान, वर्षा, नमी आदि का आकलन किया जाएगा। एकत्रित किए गए आंकड़ों के आधार पर इन क्षेत्रों में बनने वाले तूफानों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये आंकड़े तूफानों की भविष्यवाणी करने में सहायक होंगे।
इन सैटेलाइटों को इलेक्ट्रॉन रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। नासा ने ट्रॉपिक्स मिशन के तहत 12 जून, 2022 को पहला प्रयास किया था, जो असफल रहा था। इसे अस्त्रा रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया गया था। नासा दोबारा टॉपिक्स मिशन को 1 मई, 2023 को लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
नासा ने रॉकेट लैब (Rocket Lab) के माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट पर मिशन से संबंधित नई लांच साइट की घोषणा की है। इसे न्यूजीलैंड के माहिया से लॉन्च किया जाएगा। इसमें चार क्यूबसेट सैटलाइटों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसके लिए दो इलेक्ट्रॉन रॉकेटों का प्रयोग किया जाएगा।
भेजे जाने माइक्रो सैटेलाइट ‘थ्रीयू’ (1U = 10CM X 10CM X 10CM) आकार के होंगे और वजन 12 पौंड होगा। इस मिशन को अटलांटिक तूफान से पहले लॉन्च किया जा रहा ताकि तूफान का अध्ययन किया जा सके और जरूरी आंकड़े जुटाए जा सकें।
Source: NASA Blogs(लेखक इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्टडीज (ISOMES) में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं)