Life on Saturn’s Moon Enceladus : अंतरिक्ष यानी स्पेस वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से रिसर्च का एक अहम क्षेत्र रहा है। अब एक नई रिसर्च में पता चला है कि सैटर्न (Saturn) के चंद्रमा एंसेलाडस (Enceladus) की सतह पर ऐसी जगहें हैं जहां स्पेसक्राफ्ट लैंड कर सकते हैं और जीवन के लिए जरूरी चीजों की खोज कर सकते हैं।
इसे लेकर अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा को एंसेलाडस की सतह पर कुछ अहम बायोसिग्नेचर मिले हैं। माना जा रहा है कि ये बायोसिग्नेचर इसकी बर्फीली सतह के नीचे मौजूद समुद्रों से आ रहे हैं। एंसेलाडस को इसके सबसरफेस समुद्र में कार्बन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से बने ऑरगेनिक मॉलीक्यूल्स के लिए लंबे समय से जाना जाता रहा है।
इस ग्रह के अध्ययन के लिए नासा ने कैसिनी (Cassini) नामक स्पेसक्राफ्ट भेजा था। साल 2017 में यह सैटर्न की सतह से टकराकर नष्ट हो गया था। लेकिन इससे पहले इसने एंसेलाडस की सतह पर दरारों से निकल रहे पदार्थ के गुबार के बीच उड़ान भरी थी और मीथेन और ईथेन जैसे ऑर्गेनिक मॉलीक्यूल्स का पता लगाया था।
Cassinni Spacecaft (NASA)
इन दरारों से ऐसे कॉम्प्लेक्स कंपाउंड्स भी निकल रहे थे जो बहुत अधिक ऊंचाई तक पहुंच रहे थे। हजारों मील की ऊंचाई तक जा रहे ये पदार्थ वापस एंसेलाडस की सतह पर गिर रहे थे। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जगहों पर इन पदार्थों को थ्योरिटिकली एकत्र किया जा सकता है और इनका अध्ययन किया जा सकता है।
अभी तक मुश्किल मानी जा रही थी लैंडिंग
प्लैनेटरी साइंस इंस्टीट्यूट की सीनियर साइंटिस्ट अमांडा आर हेंड्रिक्स का कहना है कि एंसेलाडस की सतह पर एक स्पेसक्राफ्ट भेजकर इसके समुद्र में बायोसिग्नेचर्स के बारे में काफी कुछ सीखा जा सकता है।
अभी तक यह माना जाता था कि एंसेलाडस के समुद्र से सैंपल लेने के लिए इस गुबार से होकर जाना जरूरी है। लेकिन अब हमें पता चला है कि इसकी सतह पर आसानी से लैंडिंग की जा सकती है।
हेंड्रिक्स का कहना है कि कैसिनी स्पेसक्राफ्ट से मिली जानकारियों से हमें पता चला है कि एंसेलाडस पर तरल पानी, एनर्जी और कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, फॉस्फोरस और सल्फर जैसे केमिकल हैं। ये जीवन के लिए जरूरी तत्व हैं।
ऐसी जगहें मिलीं जहां लैंडिंग करना आसान
लेकिन इसके गुबार से निकलने वाले ऑर्गेनिक मॉलीक्यूल्स को सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें नष्ट कर देती हैं। ऐसे में हमें ये पदार्थ ऐसी स्थिति में में चाहिए जब ये अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में न आए हों।
एंसेलाडस पर ये पदार्थ कहां पाए जा सकते हैं यह जानने के लिए हेंड्रिक्स और उनकी टीम ने हबल स्पेस टेलीस्कोप और कैसिनी स्पेसक्राफ्ट से मिले डाटा का अध्ययन किया है। उन्होंने यह देखा है कि अल्ट्रावायलेट किरणें इसकी सतह को कितनी गहराई तक बेध सकती हैं।
हेंड्रिक्स ने कहा है कि हमें इस अध्ययन में यह पता चला है कि एंसेलाडस की सतह पर कुछ जगहें ऐसी हैं जहां हम एक स्पेसक्राफ्ट के साथ लैंड कर सकते हैं और सैंपल ले सकते हैं। ऐसा इस वजह से क्योंकि सोलर अल्ट्रावायलेट फोटॉन बर्फीली सतह के बहुत अंदर तक नहीं जा पाती हैं।
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