हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Chandrayaan-3 तो पहुंचा चांद पर, अब आम आदमी को क्या होगा फायदा?

विज्ञापन
Chandrayaan-3

Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर कदम रखते ही भारत की साख पूरी दुनिया में ऊंची हो गई है। हर कोई इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) के वैज्ञानिकों को बधाई दे रहा है, गर्व कर रहा है। कोई स्कूली छात्र हो या बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात जवान या कोई गृहणी, हर किसी का हृदय गर्व से भर गया है। लेकिन इससे उस आम आदमी को क्या फायदा होगा, जो दो जून की रोटी बमुश्किल से जुटा पाता है। यह अपने आप में लाख टके का सवाल है।

बता दें कि 14 जुलाई को चंद्रयान-3 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया था। 40 दिन बाद चंद्रयान-3 के लैंडर ने बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड किया। जानें आम आदमी, इसरो और देश को क्या फायदा होने वाला है?

पहले देश की बात

चंद्रमा पर सफल लैंडिंग देश के लिए काफी अहम है। आज हम उन देशों के समूह में शामिल हो गए हैं, जो चांद पर अब तक पहुंचे हैं। यह कीर्तिमान अब तक अमेरिका, रूस (सोवियत संघ) और चीन ने बनाया है। जबकि दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला भारत इकलौता देश है।

विज्ञापन

इसरो की धाक पूरी दुनिया में बढ़ी

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद इसरो की पूरी दुनिया में धाक बढ़ गई है। अब उसका नाम दुनिया की बड़ी स्पेस एजेंसियों में शामिल हो जाएगा। पहले से ही इसरो अपने किफायती कॉमर्शियल लॉन्चिंग के लिए मशहूर है।

आम आदमी को क्या फायदा?

चंदमा की सतह पर लैंडर और रोवर मिलकर वायु मंडल, रसायन, भूकंप, खनिज की जांच करेंगे। इससे पूरी दुनिया को भविष्य के लिए स्टडी में मदद मिलेगी। स्पेसक्रॉफ्ट में लगे यंत्रों का इस्तेमाल भविष्य में मौसम और संचार संबंधी सैटेलाइट्स में हो सकता है। इससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिलने में मदद मिलेगी। देश की रक्षा एजेंसियों को भी फायदा मिलेगा।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Chandrayaan-3 ने रचा इतिहास, चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंड करने वाला दुनिया का इकलौता देश बना भारत

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola