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Ramadan 2026 Moon: भारत, पाकिस्तान, सऊदी और दुबई में किस दिन दिखेगा रमजान का चांद?

Ramadan 2026 Date: दुनिया भर के मुसलमान रमजान 2026 के चांद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, चांद दिखने पर ही इस पवित्र महीने और रोजों का आगाज होता है.

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दुनिया भर के मुसलमान रमजान 2026 के चांद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, चांद दिखने पर ही इस पवित्र महीने का आगाज होता है. इसी तारीख को तय करने की धार्मिक प्रक्रिया को ‘चांद देखना’ कहा जाता है. मगरिब की नमाज के बाद देशभर में लोग आसमान की ओर नजरें टिकाएंगे ताकि रमजान के महीने की शुरुआत का पता चल सके. अगर आज चांद नजर आता है तो सऊदी अरब में 18 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा, हालांकि वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार आज चांद दिखने की संभावना काफी कम है. ऐसे में खाड़ी देशों में शबान का महीना 30 दिन पूरा होने के बाद ही रोजे शुरू होने की उम्मीद है.

भारत और पाकिस्तान में रोजे की तारीख

भारत में रमजान की शुरुआत आमतौर पर सऊदी अरब के फैसले और स्थानीय चांद दिखने की स्थिति पर निर्भर करती है. भारत और पाकिस्तान में 19 फरवरी 2026 को पहला रोजा रखे जाने की सबसे ज्यादा संभावना जताई जा रही है. अगर 18 फरवरी की शाम को चांद दिखाई देता है, तभी 19 तारीख से रोजे शुरू होंगे. यदि उस दिन भी चांद नहीं दिखता है, तो यह तारीख आगे बढ़कर 20 फरवरी भी हो सकती है, लेकिन फिलहाल 19 फरवरी को ही मुख्य तिथि माना जा रहा है.

दुबई और अन्य देशों का अनुमान

दुबई, कतार और यूएई जैसे देशों में भी चांद देखने के लिए विशेष समितियां बनाई गई हैं जो आज शाम अपनी रिपोर्ट देंगी. इन देशों की खगोलीय संस्थाओं का भी यही अनुमान है कि 19 फरवरी 2026 को ही रमजान का पहला रोजा हो सकता है. हर देश अपनी भौगोलिक स्थिति और परंपरा के अनुसार चांद देखने के बाद ही आधिकारिक घोषणा करता है. इस वजह से अलग-अलग देशों में रमजान शुरू होने की तारीखों में एक या दो दिन का अंतर देखने को मिल सकता है.

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आस्था और इबादत का पावन महीना

इस्लाम में रमजान का महीना चांद देखने की रिवायत के साथ ही शुरू होता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है. यह पूरा महीना अल्लाह के प्रति समर्पण, आत्म-अनुशासन और रूह की पाकीजगी का संदेश देता है. इस दौरान मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं, पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं और गरीबों को दान (जकात) देते हैं. यह महीना केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि संयम और नेक रास्ते पर चलने की सीख भी देता है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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