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रोचक परंपरा: क्यों सांड पर काबू पाते हैं 1000 लोग? क्या है जल्लीकट्टू प्रतियोगिता

Tamil Nadu Jallikattu Game: तमिल नाडू में पोंगल का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान कई कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इनमें से एक जल्लीकट्टू प्रतियोगिता है. इसमें हजारों लोग मिलकर सांड पर काबू पाने की कोशिश करते हैं.

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Photo Credit - ANI

Tamil Nadu Jallikattu Game: तमिल नाडू में पोंगल के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. तमिल नाडू में पोंगल चार दिवसीय पर्व के रूप में मनाया जाता है. यहां पर भोगी पोंगल,सूर्य पोंगल, मट्टू पोंगल और कानुम पोंगल जैसे आयोजन किये जाते हैं. पोंगल के पहले दिन भोगी पोंगल पर इन्द्रदेव की पूजा होती है, पोंगल के दूसरे दिन सूर्य पूजा होती है. तीसरे दिन को मट्टू पोंगल के नाम से मनाते हैं. मट्टू पोंगल पर शिव जी के वाहन नंदी जी की पूजा की जाती है. इस दिन जल्लीकट्टू का खेल आयोजित किया जाता है. जल्लीकट्टू में हजारों लोग मिलकर सांड़ों पर काबू पाने की कोशिश करते हैं. पोंगल के चौथे दिन कानुम पोंगल होता है. इसमें विशेषकर महिलाएं भाग लेती हैं.

क्या है जल्लीकट्टू?

पोंगल पर्व के सभी आयोजन में से सबसे रोचक जल्लीकट्टू है इसमें सांडों को काबू करने की प्रतियोगिता होती है. जल्लीकट्टू को अंग्रेजी में बैल टमिंग उत्सव (Bull Taming Sport) यानी बैल को वश में करने वाला खेल कहा जाता है. इस खेल में खुली जगह पर सांड को छोड़ा जाता है. जो लोग इस प्रतियोगिता में भाग लेते हैं वो सांड को उसके कूबड़ से पकड़कर काबू करने की कोशिश करते हैं. यह प्रतियोगिता दर्शाती है कि, कौन व्यक्ति बैल की कितनी ताकत, गति और उग्रता पर काबू कर सकता है. तमिल नाडू के मदुरै में तमिल नाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पालामेडु जल्लीकट्टू कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

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क्यों मनाते हैं जल्लीकट्टू पर्व?

यह परंपरा मुख्य रूप से मनोरंजन के लिए मनाई जाती है लेकिन इससे ज्यादा यह देशी नस्ल के सांडों की पहचान के लिए होती है. इस परंपरा के जरिए अच्छी नस्ल के ताकतवर सांड की पहचान की जाती है. इन सांड को खेती के लिए और प्रजनन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह परंपरा युवाओं को बहादुरी और साहस दिखाने का एक माध्यम भी है. इस परंपरा के दौरन पोंगल पर्व पर सांड को अच्छे से खिलाया जाता है और उन्हें सजाया जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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