TrendingugcAjit Pawariran

---विज्ञापन---

Hindu Beliefs: क्या मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करना है उचित, जानिए क्या कहता है हिंदू शास्त्र?

Hindu Beliefs: हिंदू धर्म में कई मंदिरों में गैर हिंदूओं का प्रवेश वर्जित हैं. मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को लोग भेदभाव की दृष्टि से देखते हैं. मंदिर में गैर हिंदुओं के दर्शन के लिए जाने को लेकर धर्म शास्त्र में क्या बताया गया है चलिए जानते हैं.

Photo Credit- News24GFX

Hindu Beliefs: हाल ही में मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एक बड़ा निर्णय आया है. उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर समिति ने यह प्रस्ताव पारित किया है. इस प्रस्ताव के तहत बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और उनसे जुड़े लगभग 48 मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा. भारत में और भी ऐसे मंदिर है जहां गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है. मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होने के पीछे मंदिर की परंपरा क्या है और धर्म शास्त्र क्या कहता है चलिए जानते हैं?

गैर हिंदुओं के प्रवेश निषेध पर मंदिर परंपरा

---विज्ञापन---

सभी मंदिरों की अलग-अलग परंपरा होती है. इन्हीं स्थानीय परंपराओं के कारण कई मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होता है. किसी पुरानी घटना के कारण कई मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होता है. मंदिरों में शुद्धता और श्रद्धा को बनाए रखने के लिए प्रवेश वर्जित किया जाता है. कोई भी गैर हिंदु पूरी श्रद्धा भाव के साथ मंदिर में नहीं जा सकता है. कई मंदिरों में ड्रेस कोड के कारण गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होता है. इसके पीछे यह मान्यता भी है कि जो भगवान में विश्वास नहीं रखते हैं वह मर्यादा को बनाए नहीं रख सकते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें - Budh Gochar 2026: फरवरी में बुध का ट्रिपल गोचर इन 3 राशियों को देगा बंपर लाभ, खूब करेंगे कमाई

क्या कहता है हिंदू शास्त्र?

मंदिरों में प्रवेश के लिए शुचिता, श्रद्धा और आगम नियमों का पालन करना होता है. ऐसे में गैर हिंदु ऐसा नहीं कर सकता है. शास्त्रों में गैर हिंदु शब्द का इस्तेमाल 'श्रद्धाहीन' या 'विधर्मी' लोगों के लिए है. यानी जो लोग भगवान में विश्वास नहीं रखते हैं. मंदिर में शुचिता यानी पवित्रता, स्वच्छता, शुद्धता या ईमानदारी का पालन करना होता है. अगर कोई श्रद्धाहीन मंदिर में जाता है तो वह ऐसा नहीं कर पाएगा. मंदिर केवल एक प्रार्थना स्थल नहीं है यह भगवान का जीवंत निवास है. इसकी जीवंतता बनाए रखने के लिए जरूरी नियमों का पालन जरूरी होता है.

इन मंदिरों में वर्जित है गैर हिंदुओं का प्रवेश

भारत के कई प्रमुख मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है. ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर, पुरी में हिंदु नहीं जा सकते हैं. केरल के गुरुवायूर मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है. कामाक्षी अम्मन मंदिर, कांचीपुरम, लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर में गैर हिंदु नहीं जा सकते हैं. कई बड़े मंदिरों में गैर हिंदु जा सकते हैं लेकिन उन्हें सभी नियमों और शर्तों का पालन करना होता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यता पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


Topics:

---विज्ञापन---