हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Pongal 2026: 13 या 14 जनवरी, कब से शुरू हो रहा है 4 दिन का पर्व पोंगल? जानें तिथि और महत्व

Pongal Date In Tamil Nadu 2026: हर साल पोंगल के पर्व को नई फसल के आगमन के रूप में मनाया जाता है. हालांकि, इस बार पोंगल की सही तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. चलिए तमिल पंचांग के जरिए जानते हैं कि साल 2026 में 13 जनवरी या 14 जनवरी, कब से पोंगल की शुरुआत होगी. साथ ही आपको पोंगल के प्रत्येक दिन की सही तिथि और महत्व के बारे में विस्तार से जानने को मिलेगा.

विज्ञापन
Credit- Social Media

Pongal 2026 Date In Tamil Nadu Calendar: पोंगल एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जिसे मुख्यतौर पर तमिलनाडु में तमिल समुदाय के लोगों द्वारा मनाया जाता है. ये त्योहार एक दिन नहीं, बल्कि लगातार चार दिनों तक मनाया जाता है. पोंगल के पहले दिन को भोगी, दूसरे को सूर्य, तीसरे को मट्टू और चौथे व आखिरी दिन को कानूम के नाम से जाना जाता है. इन 4 दिनों में कठिन नियमों का पालन किया जाता है और नकारात्मक चीजों से दूर रहा जाता है. चलिए जानते हैं पोंगल के महत्व और साल 2026 में मनाई जाने वाली सही तिथि के बारे में.

पोंगल का महत्व

पोंगल एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ (मतलब) ‘उबाल आना’ है. ये पर्व नई फसल के आगमन की खुशी के रूप में मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित है. इस दिन धान की फसल को काटने के साथ-साथ सूर्य देव, मां धरती और पशुधन की पूजा कर उनका आभार व्यक्त किया जाता है.

2025 में पोंगल कब मनाया जाएगा?

तमिल पंचांग के मुताबिक, साल 2026 में 14 जनवरी को भोगी पोंगल, 15 जनवरी को सूर्य/थाई पोंगल, 16 जनवरी को मट्टू पोंगल और 17 जनवरी को कानूम पोंगल मनाया जाएगा.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- Makar Sankranti 2026 Horoscope: मकर संक्रांति पर सूर्य के साथ होगा चंद्र गोचर, जानें किन 3 राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव?

पोंगल के 4 दिन कौन से हैं?

भोगी पोंगल-

पोंगल के पहले दिन ‘भोगी’ पर लोग अपने घर की साफ-सफाई करते हैं. साथ ही आंगन में अलाव यानी तापने के लिए आग जलाते हैं.

विज्ञापन

सूर्य/थाई पोंगल-

पोंगल के दूसरे दिन को ‘सूर्य’ कहा जाता है, जिसका एक नाम ‘थाई’ पोंगल भी है. उत्तरी राज्यों में थाई पोंगल को मकर संक्रान्ति के रूप में मनाया जाता है. इस दिन लोग सूर्य देव की पूजा करते हैं और किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं. साथ ही दान देकर पुण्य कमाते हैं, जबकि तमिल लोग ‘पोंगल’ बनाते हैं. पोंगल एक विशेष ‘व्यंजन’ है, जिसे एक नए मिट्टी के पात्र में कच्चे दूध, गुड़ और नई फसल के चावलों को उबालकर बनाया जाता है. सबसे पहले पोंगल को सूर्य देव को अर्पित किया जाता है, जिसके बाद केले के पत्ते पर प्रसाद के रूप में घर के सभी सदस्यों को खाने के लिए दिया जाता है.

मट्टू पोंगल-

पोंगल के तीसरे दिन को ‘मट्टू’ कहते हैं, जो कि मवेशियों व खेत में काम आने वाले गाय-बैलों को समर्पित है. इस दिन मवेशियों की पूजा की जाती है. साथ ही उन्हें सजाया जाता है और भोजन कराया जाता है.

विज्ञापन

कानूम पोंगल-

पोंगल का आखिरी दिन ‘कानूम’ है. इस दिन लोग अपने रिश्तेदारों से मिलते हैं और साथ में पर्व का आनंद उठाते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola