शनि त्रयोदशी की रात करें ये उपाय
1. शनिवार त्रयोदशी की रात शमी के उपाय का बहुत महत्व है। शमी के वृक्ष में शनिदेव का वास माना जाता है। इस रात 9 बजे से पहले को शमी वृक्ष के नीचे सरसों तेल के 9 दीये जलाकर उसके नीचे उड़द, तिल और गुड़ का से बना लड्डू चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय से हर प्रकार के शनि दोष समाप्त हो जाते हैं। ये भी पढ़ें: ये गुफा है कई देवताओं का घर, गणेश जी के कटे सिर से लेकर स्वर्ग के रास्ते के लिए है प्रसिद्ध, जानें यहां की रहस्यमयी बातें 2. यदि घर में बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और करियर को लेकर कोई समस्या है, यह उपाय को शनिवार त्रयोदशी की रात शुरू करने से लाभ होता है। इस रात भोज पत्र पर शनि गायत्री मंत्र 'ॐ भगभवाय विद्महे-मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्' (Om Bhagabhavaya Vidmahe Mrityu-rupaya Dheemahi Tanno Shanih Prachodayat) लिखकर पूजा करने से अपार विद्या, बुद्धि की प्राप्ति होती है। यह पवित्र शनि मंत्र कुंडली में शनि ग्रह के अन्य अशुभ असर को भी दूर करता है। 3. शनिवार त्रयोदशी की रात शनिदेव के सामने और पीपल के पेड़ के नीचे दीये में काले टिल डालकर सरसों तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि देव मेहरबान भी हो सकते हैं। जीवन में आने वाली सभी परेशानियां दूर भी हो सकती हैं। घर में लोबान जरूर जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा। इसके अलावा गोधूली मुहूर्त में चींटियों को गुड़ मिश्रित तिल-चौली का भोजन दें। इससे न केवल शनि दोष कटता है, बल्कि पूर्वज और पितर भी प्रसन्न होते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आप पर भगवान शनि की कृपा सदैव बनी रहे तो आपको हर शनिवार को काली चीजों, जैसे काली उड़द, काला तिल का दान, काले कपड़े और जूते, लोहे के बर्तन के आदि भी दान करने चाहिए। ये भी पढ़ें: मौसी ने भतीजे को मार कर तालाब में फेंका, मां को नहीं पड़ा कुछ भी फर्क, भगवान शिव हुए क्रोधित…जानें एक अद्भुत कथा ये भी पढ़ें: वफादारी की मिसाल होते हैं इन 3 राशियों के लोग, दोस्ती और प्यार में दे सकते हैं अपनी जान
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