Ravidas Jayanti 2026: गुरु रविदास भक्ति आंदोलन में शामिल थे, बता दें कि, भक्ति आंदोलन आध्यात्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन था. इसमें कर्मकांडों और जाति-भेद से ऊपर उठकर ईश्वर के प्रति भक्ति पर जोर दिया गया. गुरु रविदास का जन्म 1377 ईसवी के करीब माघ पूर्णिमा के दिन भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी नगर में हुआ था. इस वर्ष गुरु रविदास की 649वीं जयंती मनाई जाएगी. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, माघ पूर्णिमा कब पड़ रही है किस दिन गुरु रविदास जयंती मनाई जाएगी चलिए जानते हैं.

गुरु रविदास जयंती 2026

गुरु रविदास जयंती माघ माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इस तिथि का आरंभ 1 फरवरी 2026, दिन रविवार की सुबह 5 बजकर 52 मिनट पर होगा. इसका समापन अगले दिन 2 फरवरी 2026, दिन सोमवार को सुबह 3 बजकर 38 मिनट पर होगा. उदयातिथि को महत्व देते हुए गुरु रविदास जयंती का पर्व 1 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा, गुरु रविदास को रैदास, भगत रविदास और संत शिरोमणि गुरु रविदास नाम से भी जानते हैं.

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गुरु रविदास के बारे में रोचक बातें

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, गुरु रविदास को छोटी उम्र में घर से निकाल दिया गया था. इसके बाद वह एक कुटिया बनाकर उसमें रहने लगे थे. वह कुटिया में रहते और साधु-संतों की सेवा करते थे. वह जूते-चप्पल बनाने का कार्य करते थे. इसी कार्य को करते हुए वह भक्ति आंदोलन में शामिल हुए जिसके बाद गुरु रविदास को संत शिरोमणि गुरु रविदास के रूप में पहचान मिली. वह भक्ति आंदोलन के बाद प्रसिद्ध हुए.

उनके कई विचार बहुत ही प्रसिद्ध हैं. 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' इसका अर्थ है कि, आपका मन साफ है तो हर जगह ईश्वर है. वह कर्म और सच्ची भक्ति में मानते थे. सच्ची भक्ति दिखावे में नहीं बल्कि सच्चे मन से होती है. उन्होंने समाज को समानता और भाईचारे का संदेश दिया था.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।