Astro Remedy for Hair: मेडिकल साइंस में समय से बाल सफेद होने कारण चाहे जेनेटिक हो, टेंशन, पोषण का अभाव, बीमारी या कोई और कारण हो, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसके ग्रह निश्चित हैं। हजारों सालों पहले ही वैदिक ज्योतिष में शरीर के अंगों का स्वामित्व अलग-अलग ग्रहों को दिया गया है। केवल यही नहीं बल्कि कुंडली के 12 भावों के फल में भी बॉडी पार्ट्स को रखा गया है। आइए जानते हैं, किस ज्योतिषीय कारण से किसी जातक (व्यक्ति) के बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं?
समय से पहले बाल सफेद होने के जिम्मेदार ग्रह
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुंडली के पहले भाव (घर) यानी लग्न भाव का संबंध बालों से है। इस भाव के स्वामी ग्रह यानी सूर्य हैं, इसलिए वे बालों के कारक ग्रह है। वहीं, पहले भाव में स्थित स्थित राशि के स्वामी यानी लग्नेश भी बाल के लिए जिम्मेदार ग्रह हैं। बालों का संबंध सुंदरता से होने के कारण यह शुक्र से सीधे तौर पर जुड़ा है। बालों की चमक का संबंध भी शुक्र ग्रह से है।
- लग्न भाव में अशुभ ग्रहों, जैसे राहु, केतु, शनि, मंगल आदि के स्थित होने या इस भाव पर अशुभ ग्रहों की दृष्टि होने से असमय बाल सफेद हो सकते हैं।
- वहीं, यदि सूर्य पर अशुभ ग्रहों की दृष्टि होती है या वे अशुभ भाव, जैसे 6, 8 या 12वें भाव में होते हैं, तब भी बाल समय से पहले श्वेत रंग के हो जाते हैं।
- यदि लग्न भाव और सूर्य दोनों की दूषित या पीड़ित होते हैं, तब बहुत कम उम्र में बाल सफेद होने लगते हैं। लग्नेश की स्थिति सूर्य के समान होने से भी उम्र से पहले बाल सफेद हो सकते हैं।
- शुक्र के पीड़ित होने या उनके अशुभ भाव में होने या उन पर अशुभ ग्रहों की दृष्टि होने से बाल रूखे और दोमुंहे हो जाते हैं। शुक्र पर राहु के साथ बृहस्पति की दृष्टि होने से बालों में पीलापन बढ़ सकता है।
- राहु और केतु की कुंडली में खराब स्थिति भी बालों को सफेद कर सकती है। ये दोनों ग्रह जीवन में तनाव के कारक ग्रह हैं। तनाव से बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं।
- शनि के पीड़ित होने पर उनकी महादशा या दशा में बाल कम उम्र में ही सफेद हो सकते हैं।
करें ये उपाय
सूर्य को बनाएं मजबूत
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सूर्य और शुक्र जितने अधिक मजबूत होंगे बाल उतने मजबूत, काले और घने होंगे। सूर्य की मजबूती के लिए सूर्य के उपायों करने से लाभ हो सकता है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो माणिक रत्न धारण करने से लाभ होता है। रविवार का व्रत और सूर्यपूजा से सूर्य मजबूत होते हैं। नियमित रूप से या कम से कम रविवार के दिन सूर्य को लाल फूलों के साथ जल अर्घ्य देने से लाभ होता है।
शुक्र को मजबूत करने के उपाय
यदि कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है, तो हीरा या ओपल धारण करने से लाभ होता है। अधिक से अधिक सफेद वस्त्र पहनने से भी शुक्र मजबूत होते हैं। शुक्रवार को सफेद वस्तुओं, जैसे सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, दही आदि का दान करने से भी शुक्र दोष में सुधार आता है।
शनि-राहु-केतु के उपाय
वहीं, शनि के लिए नीलम, राहु के लिए गोमेद और केतु के लिए लहसुनियां पहनने से लाभ होता है। शनि को मजबूत बनाने के लिए शनिवार का व्रत रख सकते हैं और शनिवार को शनि से संबंधित वस्तुओं, जैसे उड़द डाल, तिल, नीले-काले वस्त्र, लोहे आदि का दान कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: सावधान! गाड़ी के डैशबोर्ड पर भूल से भी न रखें ये चीजें, मंगल दोष के साथ होगा भारी नुकसान
ये भी पढ़ें: शिवलिंग का जल ग्रहण करना चाहिए या नहीं, कब जल नहीं चढाएं, जानें क्या कहता है शास्त्र?
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष और धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
संबंधित खबरें
आज जरूर करें गणेश जी और नवग्रहों की स्थापना, यहां जानिए
5 hrs agoरसोई में मौजूद मसालों से जुड़े ज्योतिषीय उपाय, बन सकेंगे आपके काम
6 hrs agoसुख-समृद्धि के लिए धारण करें पीला पुखराज, दूर होगी पैसों की तंगी
7 hrs agoआज शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, जानें जरूरी नियम, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा
8 hrs agoशारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां दुर्गा की आरती, यहां पढ़ें लिरिक्स
10 hrs agoशारदीय नवरात्रि प्रतिपदा तिथि आज, जानिए कलश स्थापना मुहूर्त और पूजा विधि
12 hrs agoकौन हैं अजिंक्य शिंदे? जिन्हें अभिजीत दीपके ने सौंपी CJP आंदोलन की कमान
1 day agoशारदीय नवरात्रि पर किस समय करें कलश स्थापना? जानिए मुहूर्त और विधि
1 day agoकल से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, जानिए सभी तिथियां और घटस्थापना मुहूर्त
1 day agoआज अमावस्या पर करें पितृ स्त्रोत का पाठ, तीन पीढ़ियों के पूर्वज होंगे तृप्त
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines