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Kidnapping Prediction: अपहरण या अशुभ घटनाओं के लिए ये 2 ग्रह होते हैं जिम्मेदार, कुंडली देखकर चल सकता है पता

Kidnapping Prediction in Astrology: ज्योतिष शास्त्र एक प्राचीन विद्या है, जिसमें व्यक्ति के साथ घटने वाली छोटी से बड़ी हर घटना को ग्रहों की स्थिति से जोड़ा जाता है. यहां तक कि अपहरण, चोट लगना और अकाल मृत्यु जैसी आकस्मिक दुर्घटनाएं भी ग्रहों की चाल से प्रभावित होती हैं. चलिए जानते हैं वो दो ग्रह कौन-से हैं, जिन्हें अपहरण या अशुभ घटनाओं के लिए जिम्मेदार माना गया है.

Credit- AI Gemini

Kidnapping Prediction in Astrology: हर दिन एक जैसा नहीं होता है. कभी व्यक्ति को एक साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो कभी एक के बाद एक सभी मनोकामनाएं पूरी होने लगती हैं. हालांकि, कई बार इसके पीछे कुंडली में ग्रहों की स्थिति भी हो सकती है. खासकर, अपहरण, चोट और अकाल मृत्यु जैसी आकस्मिक दुर्घटनाओं के लिए मंगल और राहु ग्रह को जिम्मेदार माना जाता है. यहां पर आपको विस्तार से जानने को मिलेगा कि मंगल ग्रह और राहु ग्रह के कारण कब व्यक्ति के साथ अशुभ घटनाएं घटती हैं.

मंगल-राहु ग्रह का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह को क्रोध, कर्ज, अनियंत्रित ऊर्जा, वाद-विवाद, चोट लगने और दुर्घटनाओं का कारक माना जाता है, जबकि राहु को अनिश्चितता, अचानक होने वाली घटनाओं, गलत संगत, चोरी, त्वचा के रोग और कठोर वाणी से जोड़ा जाता है. जिन लोगों की कुंडली में राहु और मंगल ग्रह कमजोर स्थिति में विराजमान होते हैं, उनके साथ अपहरण, चोट और अकाल मृत्यु जैसी आकस्मिक दुर्घटनाएं होने लगती हैं.

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इन परिस्थितियों में भी बना रहता है खतरा

  • जिन लोगों की कुंडली के 6वें, 8वें या 12वें भाव में मंगल और राहु कमजोर स्थिति में विराजमान होते हैं, उनके अपहरण होने या उनके साथ आकस्मिक घटना होने की संभावना बनी रहती है.
  • मंगल ग्रह का कमजोर स्थिति में राहु और केतु ग्रह के साथ युति बनाना भी शुभ नहीं होता है. ऐसे में अशुभ घटनाओं के होने का खतरा बना रहता है.
  • जिन लोगों के ऊपर राहु, मंगल या शनि की महादशा व अंतर्दशा चल रही होती है, उनके साथ भी आएदिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं.

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शनि ग्रह भी हो सकता है जिम्मेदार

बता दें कि कई बार मंगल और राहु के साथ-साथ कुंडली में शनि ग्रह के कमजोर होने से भी व्यक्ति के साथ अनहोनी घटनाएं घटने लगती हैं. व्यक्ति न चाहते हुए भी मुसीबत में फंस जाता है. इसके अलावा अपहरण, चोट लगना और अकाल मृत्यु जैसी आकस्मिक दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. दरअसल, ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को भय और असुरक्षा का कारक माना गया है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


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