Murti Puja Niyam: घर में मंदिर या पूजा स्थान होना सुख-शांति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. लोग अपने घर में भगवान की मूर्तियां स्थापित कर आराधना करते हैं. हालांकि, कुछ विशेष मूर्तियां ऐसी होती हैं, जिनके कारण घर में विवाद और तनाव बढ़ सकता है. इसलिए मूर्ति लगाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं, हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार, घर में कौन-सी 3 मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए, वरना घर और परिवार का सुख-चैन छिन सकता है?

रौद्रावतार भैरव की मूर्ति से बचें

रौद्रावतार भैरव की मूर्ति को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता. यह मूर्ति आवेश और क्रोध का प्रतीक होती है. अगर गलती से भी इसे घर में रखा जाए, तो परिवार में मतभेद और झगड़े बढ़ सकते हैं. ऐसे में इसे घर के बाहर या किसी मंदिर में ही स्थापित करना अच्छा रहता है.

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शनि देव की मूर्ति का सही स्थान

शनि देव की मूर्ति को भी घर के पूजा स्थान में रखने से बचें. इसे शमी के पेड़ के नीचे या घर के बाहर किसी शांत स्थान पर रखें. घर के अंदर इसे बंद या सीमित स्थान में रखने से परिवार में बाधा और परेशानी पैदा हो सकती है. शनि देव के लिए हमेशा दीपक और साफ-सुथरा स्थान बनाए रखना चाहिए.

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मां भगवती की मूर्ति का ध्यान रखें

माँ भगवती की ऐसी मूर्तियां जिनमें सिंह का मुंह खुला हो और गर्जना कर रही हो, घर में न रखें. यह मूर्ति उग्र शक्ति का प्रतीक होती है और इससे घर में विवाद और लड़ाई-झगड़े बढ़ सकते हैं. हमेशा ऐसी मूर्तियों का चयन करें जो सौम्य और शांत भाव प्रदर्शित करती हों.

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मूर्ति का आकार और ऊंचाई

घर में मूर्ति की ऊंचाई का भी ध्यान रखना चाहिए. बारह अंगुल से ऊंची मूर्ति घर में शुभता के बजाय परेशानी ला सकती है. इसलिए मूर्ति का आकार साधारण और सुविधाजनक रखें.

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सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह

मूर्तियों को घर में इस तरह रखें कि वे सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं. पूजा स्थल हमेशा साफ-सुथरा और सजाया हुआ होना चाहिए. नियमित पूजा और दीपक जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.

हिन्दू धर्म में घर में मूर्ति स्थापना केवल श्रद्धा का विषय नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और वातावरण को भी प्रभावित करती है. सही मूर्ति, सही जगह और सही आकार के साथ पूजा करने से परिवार में शांति, सुख और सौभाग्य बढ़ता है. गलत मूर्तियां या अनुचित स्थान तनाव और झगड़े ला सकते हैं. इसलिए हमेशा सोच-समझ कर मूर्ति स्थापित करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।