Mokshada Ekadashi 2025 Upay: आज सोमवार 1 दिसंबर, 2025 को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत हर साल मार्गशीर्ष यानी मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. सनातन धर्म में यह एक अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी एकादशी मानी गई है. इस एकादशी का नाम ही ‘मोक्ष देने वाली’ है. शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन व्रत और उपवास करने से जीव के पाप नष्ट होते हैं और उसे जन्म–मरण के चक्र से मुक्ति प्राप्त होती है.
मोक्षदा एकादशी की मुख्य पूजा शाम में किए जाते हैं. आइए जानते हैं, आज शाम किए जाने वाले 3 ऐसे उपाय, जिसके बारें कहा जाता है, यदि ये पूरी श्रद्धा, निष्ठा और पवित्रता से किए जाएं, तो जीवन में मुसीबतें कभी पास भी नहीं आ सकती हैं. चलिए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?
करें तुलसी दीपदान
मोक्षदा एकादशी की शाम तुलसी माता के पास दीप जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह न सिर्फ धार्मिक रूप से विशेष है, बल्कि ऊर्जा और मानसिक शांति के लिए भी चमत्कारिक प्रभाव देता है. कहते हैं, इस उपाय से दुर्भाग्य स्वयं नष्ट हो जाता है. इसके लिए शाम के समय एक मिट्टी के दीपक में तिल या घी का दीप जलाएं.
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दीप को तुलसी के पौधे के पास रखें. दीप जलाते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम 11 बार जप करें. श्रद्धापूर्वक यह उपाय करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएं दूर होती हैं. आर्थिक परिस्थितियां सुधरने लगती हैं.
केले के वृक्ष की पूजा
शाम के समय केले के पौधे की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है. केले का वृक्ष भगवान विष्णु तथा देवी लक्ष्मी का प्रिय माना गया है. इस दिन पूजा करने से परिवार में प्रेम, सौहार्द और सौभाग्य बढ़ता है और दांपत्य जीवन में मधुरता, स्थिरता और सौभाग्य की वृद्धि होती है. जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा, उनकी कामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है.
इस उपाय के लिए पूजा करते समय दीपक जलाएं, थोड़ा हल्दी-चावल चढ़ाएं और विष्णु मंत्र, विशेषकर कर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. यह एक बेहद प्रभावी और सरल उपाय है, जो जीवन में निरंतर सुख-समृद्धि बनाए रखता है और आने वाली परेशानियों को दूर कर देता है.
शाम को करें इन चीजों का दान
एकादशी के दिन दान का बहुत महत्व है. शाम के समय किसी जरूरतमंद को भोजन, अनाज, पीले फल, पीले वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुएं देकर पुण्य की प्राप्ति होती है. पीला रंग गुरु और विष्णु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन पीले या सतोगुण बढ़ाने वाली चीजों का दान विशेष फल देता है. मान्यता है कि दान से बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में समृद्धि के मार्ग खुलते हैं.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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