हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Men Ear Piercing Astrology: लड़कों का कान छिदवाना कब है अशुभ, जानें ज्योतिषीय महत्व, सही मुहूर्त और धातु

Men Ear Piercing Astrology: ज्योतिष शास्त्र में लड़कों का कान छिदवाना केवल फैशन नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है. लेकिन क्या आप जानते हैं यह कब शुभ होता है और कब अशुभ? जानें सही मुहूर्त, शुभ धातु और ज्योतिषीय महत्व, जो जीवन में मानसिक संतुलन, ऊर्जा और सौभाग्य बढ़ा सकता है.

विज्ञापन

Men Ear Piercing Astrology: आजकल लड़कों में कान छिदवाना एक स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. सोशल मीडिया और फिल्मों में यह ट्रेंड खूब देखा जा रहा है. लेकिन हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इसे केवल फैशन नहीं माना जाता है. इसे कर्णवेध संस्कार कहा गया है, जो जीवन में कई सकारात्मक प्रभाव लाने वाला माना गया है. आइए जानते हैं, लड़कों का कान छिदवाना कब शुभ है और कब अशुभ, इसका ज्योतिषीय महत्व, सही मुहूर्त और शुभ धातु क्या है?

सनातन धर्म में कर्णवेध का महत्व

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, कान छिदवाने की सही उम्र, शुभ मुहूर्त और विधि बहुत जरूरी है. यह संस्कार न केवल शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखता है, बल्कि बच्चे के मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास में भी सहायक होता है. प्राचीन काल में लड़कों का भी यह संस्कार निश्चित रूप से कराया जाता था.

ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिष के अनुसार, गलत नक्षत्र, अशुभ दिन या बिना शुद्धि-संस्कार के कान छिदवाना अशुभ प्रभाव ला सकता है. ऐसा करने से करियर में रुकावट, मानसिक तनाव, आत्मविश्वास में कमी और विवाह में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. इसलिए शास्त्र में कहा गया है कि सिर्फ फैशन के लिए कान छिदवाना सही नहीं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: जरूर जानें नीम करोली बाबा की ये अनमोल बातें, हनुमान जी करेंगे बेड़ा पार

आयुर्वेद और विज्ञान

आयुर्वेद में कान के निचले हिस्से में एक महत्वपूर्ण प्रेशर पॉइंट होता है. इस पर छेदन करने से दिमाग के दोनों हिस्से सक्रिय होते हैं. इससे याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक संतुलन बढ़ता है. कुछ शोधों के अनुसार, यह तनाव और अवसाद कम करने में भी मदद करता है.

विज्ञापन

धातु का चयन

शास्त्रों में सोना और चांदी सबसे शुभ मानी गई हैं. सोने की बाली पहनने से सूर्य और गुरु ग्रह मजबूत होते हैं, जिससे आत्मसम्मान, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. सस्ती या नकली धातु का प्रयोग अशुभ प्रभाव ला सकता है.

सही समय और विधि

शुभ मुहूर्त, सही विधि और शुद्ध धातु के साथ किया गया कर्णवेध संस्कार जीवन में सौभाग्य, मानसिक संतुलन और ऊर्जा बढ़ाने वाला माना गया है. यह केवल एक फैशन ट्रेंड नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला संस्कार है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: मेहनत बहुत, सफलता देर से, जानें क्यों देर से भरती है इस मूलांक के लोगों की तिजोरी

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola