Margashirsha Month 2024: 16 नवंबर, 2024 को वृश्चिक संक्रांति के साथ मार्गशीर्ष माह की शुरुआत हो गई। यह अगहन महीना के नाम से अधिक पॉपुलर है। यह माह भगवान श्रीकृष्ण को सबसे अधिक प्रिय है। अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए उन्होंने कहा है कि ‘मासानाम् मार्गशीर्षोऽहम्’ अर्थात् ‘मासों में मैं मार्गशीर्ष हूं’। इस साल यह माह 15 दिसंबर 2024 तक रहेगा। इसके बाद पौष महीने की शुरुआत होगी।
हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष यानी अगहन माह का अत्यधिक महत्व है। स्कंदपुराण और पद्मपुराण के अनुसार, अगहन का महीना भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने श्रेष्ठ महीना है। इस महीने में कुछ खास लेकिन आसान उपायों से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर उनकी कृपा पायी जा सकती है। पुराणों में वर्णन किए गए 7 आसान लेकिन प्रभावकारी उपाय यहां बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर लाभ उठाया जा सकता है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?
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मार्गशीर्ष (अगहन) माह के प्रभावशाली उपाय
1- स्कंदपुराण के अनुसार, इस मास में जो साधक और भक्त भगवान के पास घी का दीपक जलाते हैं, वे करोड़ों कल्पों तक स्वर्ग में निवास करते हैं। मान्यता है कि इससे जाग जाएगा सोया हुआ भाग्य भी जाग जाता है और इस जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
2- भागवत पुराण में बताया गया है कि भगवान को तुलसी बेहद प्रिय है। इस महीने में जो साधक तुलसी की लकड़ी को घिस कर भगवान को तिलक लगाते हैं, वे सौ जन्मों के पापों से मुक्त जाते हैं और इस जन्म में उचित उपायों से अपार धन कमाते हैं।
3- इस महीने में जो साधक तुलसी की मंजरी सहित भगवान की आराधना करते हैं, वे सौ जन्मों तक मोक्ष के भागी होते हैं। साथ इस जन्म में सौभाग्य धन से कभी वंचित नहीं होते हैं।
4- इस माह में भगवान का अभिषेक शहद से करने पर व्यक्ति स्वर्ग में निवास करता है। यदि उसका पृथ्वी पर फिर जन्म होता है, तो वह राजाओं के जैसी जिंदगी जीता है यानी महाधनवान होता है।
5- अगहन माह में भगवान का अभिषेक और स्नान दूध से अवश्य करवाना चाहिए। इससे बड़े से बड़ा पाप भी कट जाता है। यदि दुग्धाभिषेक के समय शंख की ध्वनि यानी शंख बजाया जाए तो पितरों को स्वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होता है।
6- पूजन के समय ऐकिक उपचार में प्रत्येक बार घंटी बजाने से सौ चान्द्रायण व्रत करने का फल मिलता है। ऐकिक उपचार में घंटी बजाने का मतलब है कि तिलक लगाएं तब भी घंटी बजाएं, पुष्प चढ़ाएं तब भी घंटी बजाएं, वस्त्र या भोग अर्पित करें तब भी घंटी बजाएं यानी हर पूजन क्रिया पर घंटी बजाएं।
7- पुराणों के अनुसार, अगहन माह में भगवद्गीता का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है। इस माह में ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप प्रतिदिन करने जीवन के हर बाधाएं दूर होती हैं, जीवन में साहस और विवेक का संचार होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है।
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