Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की पूजा अलग-अलग कई प्रहर में की जाती है. महाशिवरात्रि की पूजा के लिए निशिता काल का प्रहर सबसे अधिक शुभ माना जाता है. इस प्रहर में पूजा से अधिक लाभ मिलता है. शिवरात्रि की पूजा निशिता काम में पूजा करनी चाहिए. रात को 12 बजकर 09 मिनट से रात को 01 बजकर 01 मिनट तक इस प्रहर में पूजा से शुभ फल मिलता है. इस प्रहर में पूजा से महादेव की पूजा का कई गुना अधिक फल मिलता है.
आज रात को निशिता काल के समय आपको “ॐ ह्रीं ईशानाय नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए. इस मंत्र के जाप के साथ ही भगवान शिव को दूध चढ़ाएं. “ॐ ह्रीं अघोराय नमः” मंत्र का जाप करें और दही चढ़ाएं. महाशिवरात्रि की रात को इन खास उपायों को करने से महादेव प्रसन्न होंगे और आपके जीवन में चल रही समस्याओं को दूर करेंगे. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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