Shivling Puja Niyam: आज 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जा रहा है, जिसे शिव और शक्ति (माता पार्वती) के मिलन का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव जी का माता पार्वती से विवाह हुआ था. इसलिए इस पावन दिन महादेव और उनकी पत्नी माता पार्वती की पूजा की जाती है. साथ ही इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुभ होता है क्योंकि भगवान शिव ने धरती पर पहली बार शिवलिंग के रूप में प्रकट होकर भक्तों को दर्शन दिए थे. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ-साथ कुछ विशेष पूजा सामग्री अर्पित करना भी शुभ होता है.
यहां पर आप जान सकते हैं कि महाशिवरात्रि के पावन दिन भगवान शिव के निराकार स्वरूप यानी शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं.
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शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए? (shivling par kya chadhana chahiye)
शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, चंदन, भस्म, कुमकुम, बेल फल, धतूरा, बेर, नारियल, केला, आम, अनार, जामुन, संतरा, गन्ना, गन्ने का रस, चीकू, नारंगी, अमरूद, खरबूजा, तरबूज, शरीफा, जामुन, लीची, शहतूत, आक, कनेर, चमेली, रात की रानी, मोगरा, चमेली, गुलाब, गेंदा, नागकेसर, शिरीष, गुल्लर, अगस्त्य, अलसी, मौलसिरी, नीलकमल, हस्ती, कमल, कस्तूरी, कुंद, नागपुष्प, जूही, शमी के फूल और कुष्मांड के फूल अर्पित कर सकते हैं.
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शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए? (shivling par kya nahi chadhana chahiye)
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिवलिंग पर खंडित चीजें, सूखे या काले धब्बे वाले फल, लाल रंग के फूल, सूरजमुखी, कांटेदार फूल, मुरझाए या पुराने फूल और पुरानी चीजें अर्पित करना शुभ नहीं होता है. ऐसा करने से न सिर्फ आपको पाप लगेगा, बल्कि महादेव भी आपसे नाराज हो सकते हैं.
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शिवलिंग पर किससे जल चढ़ाएं और किससे नहीं? (shivling par kaise jal chadhana chahiye)
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए तांबे, चांदी, पीतल या कांसे का लोटा सबसे उत्तम माना जाता है, जबकि स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों से जल चढ़ाना वर्जित है.
शिवलिंग की पूजा से जुड़े नियम (shivling ki puja kaise kare)
- स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध कपड़े धारण करने के पश्चात ही पूजा करें.
- उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके शिवलिंग पर पूजा सामग्री अर्पित करें.
- पूजा सामग्री अर्पित करते समय मंत्र जाप करें.
- पूजा सामग्री अर्पित करने के बाद शिवलिंग की आधी परिक्रमा करें.
- शिवलिंग पर खड़े या बैठकर दोनों तरीकों से चीजें अर्पित कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.