TrendingiranugcDonald Trump

---विज्ञापन---

Magh Purnima 2026: 1 या 2 फरवरी, माघ पूर्णिमा कब है? जानिए पूजा विधि और माघी पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

Magh Purnima 2026: हिंदू धर्म में स्नान-दान और पुण्य कर्म के लिए पूर्णिमा तिथि बेहद पवित्र मानी जाती है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. अब माघ माह की पूर्णिमा कब है चलिए जानते हैं.

Photo Credit - Social Media

Magh Purnima 2026: माघ महीने की पूर्णिमा तिथि को माघ मेले का प्रमुख स्नान होगा. माघ पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा भी कहते हैं. यह पूर्णिमा तिथि पवित्र नदी में स्नान करने और दान-पुण्य के काम करने के लिए बेहद शुभ होती है. माघ पूर्णिमा इस वर्ष कब पड़ रही है आप पंचांग से जान सकते हैं. पूर्णिमा की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति चल रही है. ऐसे में माघ पूर्णिमा किस दिन पड़ रही है चलिए सटीक तारीख और इस दिन के आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानते हैं.

कब है माघ पूर्णिमा? (Magh Purnima Kab Hai)

माघ पूर्णिमा तिथि को लेकर लोगों के बीच अटकलें चल रही हैं. 1 या 2 फरवरी माघ पूर्णिमा कब है इसको लेकर कन्फ्यूजन हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ माह की पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी को सुबह 5 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी जिसका सामापन अगले दिन 2 फरवरी को सुबह 3 बजकर 38 मिनट पर होगा. सूर्योदय के समय 1 फरवरी रविवार को माघ पूर्णिमा तिथि होगी. ऐसे में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026, दिन रविवार को है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें - Magh Purnima 2026 Rashifal: माघ पूर्णिमा पर बन रहे हैं शुभ संयोग, धन संपदा से परिपूर्ण रहेंगे 4 राशि वाले

---विज्ञापन---

माघ पूर्णिमा पूजा विधि (Magh Purnima Puja Vidhi)

पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा का महत्व होता है. पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. इस दिन आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में या घर पर पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें. इसके बाद पितरों का तर्पण करें और जरूरतमंद लोगों को दान करें. माघ पूर्णिमा पर व्रत रखें और सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ करें. यह बेहद शुभ माना जाता है.

माघ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व (Magh Purnima Significance)

माघ मेले के स्नान की वजह से माघ पूर्णिमा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. माघ मेले में माघी पूर्णिमा का स्नान 1 फरवरी 2026, दिन रविवार को है. यह माघ मेले के प्रमुख स्नान में से एक है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु जल में वास करते हैं. माघ पूर्णिमा पर देवता अदृष्य रूप से स्नान करते हैं. माघ पूर्णिमा पर व्रत, स्नान और दान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


Topics:

---विज्ञापन---