Magh Gupt Navratri 2026 Niyam: 19 जनवरी 2026 से माघ गुप्त नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जो कि 28 जनवरी 2026 तक चलेंगी. इस दौरान मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा करने के साथ-साथ 10 महाविद्याओं की भी आराधना की जाती है. 10 महाविद्याओं को मां पार्वती का रूप माना जाता है, जिन सभी का अपना महत्व है. पूजा-पाठ के अलावा माघ गुप्त नवरात्रि में दान करने से भी माता रानी प्रसन्न होती हैं. हालांकि, शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों के बारे में भी बताया गया है, जिनका दान माघ गुप्त नवरात्रि में करने से 10 महाविद्या नाराज होती हैं. साथ ही पाप लग सकता है.
चलिए अब जानते हैं उन नियमों के बारे में, जिनका पालन माता रानी के हर भक्त को 28 जनवरी 2026 यानी माघ गुप्त नवरात्रि तक करना चाहिए.
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गुप्त नवरात्रि में किन चीजों का दान न करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ गुप्त नवरात्रि में नमक, तामसिक चीजें, पुराना सामान, टूटी-फूटी वस्तुएं, बासी भोजन, झूठा भोजन, चमड़े से बनी चीजें, जौ से बनी चीजें, कमल का फूल और काले रंग के सामान का दान करना अशुभ होता है. इन तमाम चीजों के दान से न सिर्फ आपको पाप लगेगा, बल्कि 10 महाविद्याएं भी रूठ सकती हैं.
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गुप्त नवरात्रि में किन चीजों का दान करें?
शास्त्रों में बताया गया है कि माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान अनाज (जौ को छोड़कर), फल, तिल, गुड़, लाल रंग के कपड़े, धन, श्रृंगार का सामान, पूजा सामग्री, मिठाई, नारियल, गंगाजल, शंख, देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर, शहद, काली उड़द, मिश्री, पान का बीड़ा और आभूषण का दान करने से पुण्य मिलता है. साथ ही 10 महाविद्या खुश होती हैं.
माघ गुप्त नवरात्रि में क्या करें और क्या नहीं?
- गौ सेवा करें.
- ब्रह्मचर्य का पालन करें.
- अपनी साधना को गुप्त रखें.
- नकारात्मक चीजों से दूर रहें.
- किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें.
- नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन करें.
- बाल, नाखून और दाढ़ी-मूंछ काटने से बचें.
- नियमित रूप से पूजा करें और माता रानी को भोग लगाएं.
- अगर घर में अखंड ज्योत नहीं जलाई है तो सुबह-शाम पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाएं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.