Tripur Bhairavi Jayanti 2025: मां त्रिपुर भैरवी, जिन्हें त्रिपुर सुंदरी का उग्र या क्रुद्ध स्वरूप माना जाता है, हिन्दू धर्म की दश महाविद्याओं में से छठी महाविद्या हैं. यह देवी शक्ति और संहार की अधिष्ठात्री हैं. ‘त्रिपुर’ का अर्थ है तीन लोक या तीन अवस्थाएं यानी जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति अवस्था और ‘भैरवी’ का अर्थ है, भय को दूर करने वाली. देवी भैरवी रुद्र भैरवनाथ की शक्ति माना जाती हैं. उनका भैरवी रूप बेहद उग्र और प्रचंड है, जो स्वरूप में देवी काली से मिलता-जुलता है. देवी भैरवी भगवान भैरव की अर्धांगिनी हैं और भैरव स्वयं भगवान शिव का रौद्र तथा विनाशकारी रूप हैं.
हिन्दू धर्म में मां भैरवी तपस्या, ज्ञान और मुक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं. उनके एक हाथ में रक्त से भरा खप्पर और दूसरे हाथ में तलवार होती है, जो यह दर्शाता है कि वे न केवल भयानक हैं, बल्कि अपने भक्तों के सभी बंधनों और नकारात्मकताओं का नाश भी करती हैं. उनकी साधना से व्यक्ति को जीवन के भय और मोह से मुक्ति मिलती है, और वह परम ज्ञान की ओर अग्रसर होता है.
कब मनाई जाती है भैरवी जयंती?
माँ त्रिपुर भैरवी की जयंती मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. यह दिन देवी की विशेष पूजा-अर्चना और साधना के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं.
2025 में कब है त्रिपुर भैरवी जयंती?
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में त्रिपुर भैरवी जयंती गुरुवार, 4 दिसंबर को मनाई जाएगी.
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ: 4 दिसंबर 2025, सुबह 08:37 बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 5 दिसंबर 2025, सुबह 04:43 बजे तक
चूंकि पूर्णिमा तिथि का उदयकाल 4 दिसंबर को हो रहा है, इसलिए इसी दिन जयंती का पर्व मनाया जाएगा. यह दिन सभी भक्तों के लिए भय पर विजय प्राप्त करने और आत्म-ज्ञान को जगाने का सुनहरा अवसर होगा.
ये भी पढ़ें: Rahu Dosh Upay: मेहमानों को ये 3 चीजें देने से शांत होता है अशांत राहु, घर में लौटती है स्थिरता
इन कष्टों से मिलती है मुक्ति
मान्यता है कि मां त्रिपुर भैरवी की कृपा प्राप्त होने पर जीवन में अनेक तरह की बाधाएं शांत होती हैं और अचानक आने वाले संकट और भय स्वतः दूर होने लगते हैं. आर्थिक अड़चनें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. उनकी उपासना साधक के भीतर गहरा आत्मविश्वास जगाती है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. घर-परिवार में चल रही कलह और तनाव भी मां की कृपा से शांत होने लगते हैं. ऐसा कहा जाता है कि त्रिपुर भैरवी साधक को अदृश्य नकारात्मक शक्तियों और बाहरी बाधाओं से सुरक्षा प्रदान करती हैं, जिससे जीवन में स्थिरता, साहस और मानसिक शांति का वास होता है.
इन लोगों को जरूर करनी चाहिए मां भैरवी की पूजा
– जिन लोगों के जीवन में बार-बार असफलताएं सामने आ रही हों, या फिर मन में डर, अस्थिरता और मानसिक उलझनें बढ़ती जा रही हों
– जिनके कामकाज में लगातार रुकावटें आ रही हों, चाहे वह कोर्ट-कचहरी के मामले हों, नौकरी से जुड़े अड़चनें हों या व्यवसाय में बाधाएं आ रही हों.
– जो व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नज़र या किसी अदृश्य बाधा के प्रभाव से परेशान हों.
– जिन्हें बार-बार बुरे सपने आते हों, या किसी अनजाने भय की वजह से मन स्थिर न रह पाता हो.
– विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे साधकों के लिए भी यह साधना अत्यंत शुभ और पथप्रदर्शक मानी गई है.
ये भी पढ़ें: Lucky Gemstone: ये हैं तुला राशि के लिए 4 बेस्ट और मोस्ट लकी रत्न, आता है बेशुमार पैसा
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
संबंधित खबरें
आज जरूर करें गणेश जी और नवग्रहों की स्थापना, यहां जानिए
14 hrs agoरसोई में मौजूद मसालों से जुड़े ज्योतिषीय उपाय, बन सकेंगे आपके काम
15 hrs agoसुख-समृद्धि के लिए धारण करें पीला पुखराज, दूर होगी पैसों की तंगी
16 hrs agoआज शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, जानें जरूरी नियम, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा
17 hrs agoशारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां दुर्गा की आरती, यहां पढ़ें लिरिक्स
19 hrs agoशारदीय नवरात्रि प्रतिपदा तिथि आज, जानिए कलश स्थापना मुहूर्त और पूजा विधि
21 hrs agoकौन हैं अजिंक्य शिंदे? जिन्हें अभिजीत दीपके ने सौंपी CJP आंदोलन की कमान
1 day agoशारदीय नवरात्रि पर किस समय करें कलश स्थापना? जानिए मुहूर्त और विधि
1 day agoकल से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, जानिए सभी तिथियां और घटस्थापना मुहूर्त
1 day agoआज अमावस्या पर करें पितृ स्त्रोत का पाठ, तीन पीढ़ियों के पूर्वज होंगे तृप्त
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines