वैशाख अमावस्या: स्नान और दान का मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2024 की वैशाख अमावस्या तिथि पर स्नान और दान करने के लिए तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं:- पहला मुहूर्त: स्नान और दान पहला मुहूर्त सुबह में ब्रह्म मुहूर्त में 4 बजकर 11 मिनट से आरंभ होकर 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। यह योगियों और तपस्वियों के लिए उत्तम मुहूर्त है।
- दूसरा मुहूर्त: यह सुबह में 5 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 7 बजकर 14 मिनट तक है। यह लाभ-उन्नति मुहूर्त है, जो भगवान विष्णु के भक्तों, व्यापारियों और कारोबारियों के लिए स्नान और दान करने का बहुत शुभ मुहूर्त है।
- तीसरा मुहूर्त: स्नान-दान का तीसरा मुहूर्त भी सुबह में ही है, जो 7 बजकर 14 मिनट से आरंभ होकर 8 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। यह तीसरा अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त है, जो गृहस्थों के लिए स्नान और दान करने के लिए सबसे बढ़िया है।
इस दान से बदल जाएगा भाग्य
वैशाख अमावस्या को विधिवत स्नान, ध्यान और पूजा कर भगवान विष्णु के भक्तों और सामान्य गृहस्थों को अपनी सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार उचित अन्न, भोजन, फल और वस्त्र का दान करना चाहिए। पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए चावल, घी, गुड़, चना, बर्तन, सफेद वस्त्र और सोना-चांदी के सिक्के दान कर सकते हैं। इस दान से आपका भाग्य बदल सकता है।वैशाख अमावस्या: दान की वस्तुएं
ग्रह दोष के निवारण के लिए कुंडली में व्यक्ति का जो भी ग्रह कमजोर या पीड़ित है, उसकी शांति और मजबूती के लिए श्रद्धालु व्यक्ति शुभ इन वस्तुओं का दान कर सकते हैं:- सूर्य: लाल वस्त्र, केसर, लाल चंदन, तांबे के बर्तन, सोना और मूंगा
- चंद्रमा: दूध, शक्कर, चावल, मोती और सफेद कपड़ा
- बृहस्पति: हल्दी, पीले कपड़े, पीतल के बर्तन, सोना, पुस्तक, गाय और विष्णु चालीसा
- मंगल: मसूर दाल, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे के बर्तन
- बुध: हरे कपड़े, मूंग दाल, हरा चारा, कांसे के बर्तन, नोटबुक और कलम (पेन)
- शुक्र: सफेद चावल, सफेद वस्त्र, दही, घी, इत्र और चांदी के सिक्के
- शनि: सरसों तेल, तिल तेल, उड़द, काला तिल, नीला कपड़ा, कंबल, लोहा और स्टील के बर्तन
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।