Lalita Jayanti 2026: आज 1 फरवरी 2026 को देशभर में ललिता जयंती श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है. यह पर्व हर साल माघ मास की पूर्णिमा के दिन पड़ता है और इसे शक्ति उपासना का अत्यंत शुभ दिन माना गया है. इस दिन मां ललिता, जिसे त्रिपुर सुंदरी भी कहते हैं, की आराधना से जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मां ललिता का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और कल्याणकारी है. उन्हें राजराजेश्वरी भी कहा जाता है, यानी सभी शक्तियों की अधिष्ठात्री देवी. माना जाता है कि आज के दिन की गई साधना से भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह के लाभ मिलते हैं.
क्यों खास है ललिता जयंती?
ललिता जयंती को शक्ति साधना का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है. इस दिन पूजा करने से व्यक्ति के भीतर आत्मबल बढ़ता है. मानसिक उलझनें कम होती हैं. जीवन में स्थिरता आती है. साधक के विचार सकारात्मक होते हैं और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है.
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता की कृपा से धन संबंधी अड़चनें दूर होने लगती हैं. पारिवारिक जीवन में संतुलन आता है. विवाह और करियर से जुड़ी परेशानियों में भी राहत मिलती है.
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मां ललिता की उपासना से मिलने वाले फल
मां ललिता की आराधना करने से जीवन के पारिवारिक, शैक्षणिक और आर्थिक पक्ष सुधरते हैं. साधकों को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन संवरता है.
- धन का प्रवाह बना रहता और आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होती है.
- भय और तनाव से राहत मिलती है और मानसिक बल बढ़ता है.
- घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बनता है और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है.
शास्त्रों में कहा गया है कि नियमित साधना से साधक का आत्मविश्वास बढ़ता है और आकर्षण शक्ति में भी वृद्धि होती है.
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करें ये प्रभावी उपाय
श्रीयंत्र-कुंकुम पूजा
शाम के समय अपने पूजा घर में श्रीयंत्र स्थापित करें या पहले से रखे श्रीयंत्र को साफ करें. इसके सामने बैठकर शांत चित्त से “ॐ श्रीं” मंत्र का जाप करें और एक-एक चुटकी कुंकुम श्रीयंत्र पर अर्पित करें. यह उपाय साधारण लेकिन शक्तिशाली विधि माना जाता है, जो धन-समृद्धि और प्रेम की ऊर्जा को आकर्षित करती है.
पंचमुखी घी का दीपक जलाएं
घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर पंचमुखी घी का दीपक जलाएं. दीपक की लौ उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें. यह उपाय घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सुख-शांति का वातावरण बनाता है.
खीर भोग और कन्या पूजन
शाम के समय मां ललिता को केसर वाली खीर का भोग लगाएं. यदि संभव हो तो छोटी कन्याओं को मीठा खिलाएं और उन्हें लाल चुनरी या फल उपहार में दें. मान्यता है कि छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप की तरह सम्मान देने से देवी की कृपा बनी रहती है और परिवार में अन्न-धन की कमी नहीं रहती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.