ज्योतिष में शरीर में होने वाली बीमारियों का कारण ग्रहों का अशुभ प्रभाव माना गया है। जो भी ग्रह व्यक्ति को अशुभ प्रभाव देता है तो व्यक्ति उसी ग्रह से रिलेटेड बीमारी का शिकार हो जाता है। जैसे सूर्य खराब होता है तो व्यक्ति हार्ट, आंख, हड्डियों से संबंधित बीमारियों से ग्रसित होता है। इसी प्रकार अन्य ग्रहों भी कई प्रकार की बीमारियों को जन्म देते हैं।
रोग होने पर अगर आप ट्रीटमेंट लेने के साथ ही लाल किताब के कुछ उपायों को करना शुरू कर देते हैं तो बीमारी जल्द ही ठीक होने लगती है। आइए जानते हैं किस ग्रह के अशुभ प्रभाव से कौन सी बीमारी होती है और उससे मुक्ति के लिए उपाय क्या हैं।
सूर्य दोष से होती हैं ये बीमारियां
सूर्य के अशुभ प्रभाव से हार्ट, आंख, हड्डियों की कमजोरी, मानसिक तनाव की समस्या हो सकती है। इस कारण इससे मुक्ति पाने के लिए आपको रोज सुबह उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे में जल, गुड़ और लाल फूल डालकर अर्घ्य देना चाहिए। इसके साथ ही रविवार को गुड़ और गेहूं का दान करना चाहिए। अपने बुजुर्गों और पिता का सम्मान करें और उनसे आशीर्वाद लें।
चंद्रमा के अशुभ प्रभाव से होती हैं ये बीमारियां
चंद्रमा के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को मानसिक तनाव, अनिद्रा, पेट की समस्या और स्किन के कुछ रोग होते हैं। इससे मुक्ति के लिए आप सोमवार के दिन चावल, दूध और चीनी का दान करें। चांदी के बर्तन में पानी पिएं। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को दूध में मिश्री मिलाकर अर्घ्य दें।
मंगल है इन बीमारियों का कारक
ब्लड प्रेशर, चोट, फ्रैक्चर और गुस्सा व ब्लड रिलेटेड बीमारियों का कारण मंगल का अशुभ प्रभाव होता है। इनसे मुक्ति पाने के लिए लाल मसूर की दाल और गुड़ का दान करें। मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और उनके मंदिर में गुड़-चना अर्पित करें।
बुध दोष से होती हैं ये बीमारियां
बुध के अशुभ प्रभाव से नर्वस सिस्टम, बोलने में दिक्कत और याद्दाश्त में कमजोरी जैसी दिक्कतें हो जाती हैं। इससे मुक्ति के लिए बुधवार को हरे रंग के कपड़े पहनें और हरी मूंग की दाल का दान करें। भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
बृहस्पति के अशुभ प्रभाव से होती हैं ये बीमारियां
बृहस्पति के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को मोटापा, डायबिटीज, लीवर या फिर थायराइड की समस्या होती है। इससे मुक्ति पाने के लिए आपको गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए। केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही गरीबों को बेसन के लड्डू खिलाएं और पीली वस्तुओं का दान दें।
शनि दोष बनता है इन बीमारियों का कारण
शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव के कारण गठिया, लकवा, जोड़ों का दर्द और नसों की समस्या हो जाती है। इससे मुक्ति पाने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। काले तिल, सरसों के तेल और लोहे का दान करें।
राहु-केतु हैं इन बीमारियों का कारण
राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को एंग्जाइटी, मानसिक भ्रम, फोड़े-फुंसी, स्किन आदि समस्याएं हो जाती हैं। इनसे मुक्ति के लिए शनिवार को काले कुत्ते को रोटी खिलाएं और सरसों के तेल का दान करें। हनुमान जी की उपासना करें।
शुक्र के अशुभ प्रभाव से होती हैं ये बीमारियां
शुक्र के अशुभ प्रभाव से प्रजनन क्षमता में कमी, हार्मोनल इंबैलेंस, डायबिटीज, किडनी संबंधित रोग हो जाते हैं। इससे बचने के लिए शुक्रवार के दिन जरूरतमंदों को चावल और दही का दान करें। शुक्रवार के दिन देवी लक्ष्मी का पूजन करें।
ये सभी उपाय लाल किताब से हैं। आप इसके साथ मेडिकल ट्रीटमेंट भी जारी रखें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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