Why Do Girls Want A Husband Like Lord Shiva: कभी न कभी आपने अपनी किसी महिला मित्र या बहन से ये जरूर सुना होगा कि उन्हें शिव जी जैसा पति चाहिए. अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए जहां कुछ लड़कियां 16 सोमवार का व्रत रखती हैं, वहीं कुछ शादी न होने तक हर सोमवार को शिव जी और माता पार्वती की पूजा करती हैं और उपवास रखती हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लड़कियों को शिव जी जैसे पति की चाह क्यों होती है? क्यों लड़कियां श्री राम और कृष्ण जी जैसे लड़कों को पति के रूप में नहीं मांगती हैं? क्यों किसी और देवता का पूजन करके उनके जैसा पति लड़कियां नहीं मांगती हैं? यदि हां, तो आपको इन सभी सवालों के जवाब आज इस आर्टिकल में मिलेंगे.
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इस कारण लड़कियां मांगती हैं शिव जी जैसा पति
पौराणिक शास्त्रों में भगवान शिव को एक सच्चे पति के रूप में दर्शाया गया है, जिन्होंने केवल राजा दक्ष की पुत्री देवी सती से ही विवाह किया था. हालांकि, इसके बाद उन्होंने देवी सती के कई विभिन्न रूपों से भी शादी की थी, जिसमें देवी पार्वती सबसे ज्यादा प्रमुख व पूजनीय हैं. कुछ शास्त्रों में भगवान शिव के 52 से लेकर 108 विवाह का भी उल्लेख मिलता है, लेकिन वो सभी देवी सती के ही रूप हैं. ये एक मुख्य कारण है कि आजकल की लड़कियां भगवान शिव जैसा लड़का पति के रूप में चाहती हैं, जो हर जन्म व हर संकट में उनका साथ निभाए और कभी किसी अन्य स्त्री से विवाह करने के बारे में न सोचे.
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दूसरी तरफ शास्त्रों में कृष्ण जी को एक प्रेमी और सखा के रूप में दिखाया गया है. कृष्ण जी का प्रेम अपनी पत्नी रुक्मिणी के अलावा कई महिलाओं के बीच बंटा हुआ था. खासकर, कृष्ण जी और राधा रानी की प्रेम कथा देश-विदेश में विख्यात है. इसलिए अधिकतर लड़कियां कृष्ण जी को अपना दोस्त मानती हैं.
श्रीराम की बात करें तो वो एक आदर्श पति थे, लेकिन उनके लिए अपनी पत्नी से बढ़कर कर्तव्य था. इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा जाता है. राम जी माता सीता से असीम प्रेम करते थे, परंतु वह इतने आदर्शवादी और कर्तव्य को निभाने वाले थे कि उन्होंने अपनी पत्नी सीता का ही त्याग कर दिया था.
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शिव जी के वो गुण, जो उन्हें बनाते हैं आदर्श पति
- भगवान शिव अपने से ज्यादा अपनी पत्नी देवी सती का ख्याल रखते हैं.
- शिव जी ने कभी अपनी पत्नी पर अपने विचार नहीं थोपे.
- मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में शिव जी ने माता पार्वती का साथ निभाया और उन्हें कभी भी अकेला नहीं छोड़ा.
- शिवजी माता पार्वती का एक दोस्त के रूप में भी साथ निभाते हैं.
- गुरु के रूप में भी शिव जी माता पार्वती का मार्गदर्शन करते हैं.
- शिवजी अपनी पत्नी को बराबरी का दर्जा देते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.