Kark Sankranti 2025 Upay: साल में कुल 12 बार संक्रांति का पर्व मनाया जाता है, जिस दिन ग्रहों के राजा सूर्य की उपासना की जाती है। जब जिस राशि में सूर्य का गोचर होता है, उस राशि के नाम से संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 16 जुलाई 2025 को शाम 05 बजकर 40 मिनट पर सूर्य देव मिथुन से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। इसलिए आज 16 जुलाई को कर्क संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। आज शाम से लेकर 17 अगस्त की सुबह 2 बजे तक सूर्य कर्क राशि में ही रहने वाले हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कर्क संक्रांति के पावन दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है। साथ ही दान और किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ होता है। इससे व्यक्ति को सूर्य देव का विशेष आशीर्वाद मिलता है और सूर्य दोष से मुक्ति मिलती है। पूजा-पाठ के अलावा कुछ विशेष उपायों से भी सूर्य देव को खुश किया जा सकता है। आज हम आपको शास्त्रों में बताए गए तीन ऐसे प्रभावशाली उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें करने से किसी भी व्यक्ति को सूर्य दोष से मुक्ति मिल सकती है।
कर्क संक्रांति के प्रभावशाली उपाय
- सूर्य देव को खुश करने के लिए आज आप आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जरूर करें। ये सूर्य देव को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसे पढ़ने से आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए भी इस स्तोत्र का पाठ किया जाता है।
- जिन लोगों को जीवन में सफलता नहीं मिल रही है या समय पर कोई भी काम पूरा नहीं होता है, वो आज के पावन दिन अपने घर में मौजूद मंदिर की पूर्व दिशा में सूर्य यंत्र की स्थापना करें। पूर्व को सूर्योदय की दिशा माना जाता है, जिस स्थान पर सूर्य यंत्र स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घरवालों के भाग्य को बल मिलता है, जिसके प्रभाव से उनके काम धीरे-धीरे पूरे होने लगते हैं।
- कर्क संक्रांति के दिन दान करना भी शुभ होता है। खासकर लाल रंग की चीजों का दान करने से सूर्य देव खुश होते हैं। इससे कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और हर काम में भाग्य का सहयोग मिलता है।
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कर्क संक्रांति की पूजा का समय
- पुण्य काल- प्रात: काल 05:40 से शाम 05:40 मिनट तक
- महा पुण्य काल- दोपहर 03:22 से शाम 05:40 मिनट तक
- विजय मुहूर्त- दोपहर में 02:45 से 03:40 मिनट तक
- राहु काल- दोपहर में 12:27 से 02:10 मिनट तक
- भद्रा काल- आज रात 09:01 से लेकर 17 जुलाई की सुबह 05:34 मिनट तक
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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