Kalashtami 2025: बीते 14 अप्रैल को वैशाख महीने की शुरुआत हो गई है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन भोलेनाथ का रौद्र रूप काल भैरव का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इन की पूजा से जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो जाता है। जो लोग तंत्र साधना करते हैं, वे भैरव की पूजा अधिक करते हैं। भगवान काल भैरव व्यक्ति की हर मनोकामना को पूरी करते हैं।
कब है कालाष्टमी?
साल 2025 के अप्रैल महीने में वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की शुरुआत 20 अप्रैल की रात 7 बजकर 1 मिनट से हो रही है। यह तिथि 21 अप्रैल की शाम 6 बजकर 58 मिनट तक रहने वाली है। उदयातिथि के चलते वैशाख माह में कालाष्टमी 21 अप्रैल को मनाई जाएगी।
ये रहेंगे शुभ मुहूर्त
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 48 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इसी प्रकार विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक व गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 32 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक और निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इन सभी मुहूर्तों को हिंदू धर्म में शुभ माना गया है।
बन रहा है शुभ योग
साल 2025 में वैशाख माह में पड़ने वाली कालाष्टमी पर वरीयान और शिववास का महासंयोग भी बन रहा है। मान्यता है कि शिववास में काल भैरव की पूजा करने से भक्त को दोगुना फल मिलता है। इसके साथ ही व्यक्ति के सभी काम बनने लगते हैं। इसके साथ ही इस दिन करण कौलव रहने वाला है।
भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम
कालाष्टमी के दिन कालभैरव के मंत्रों का 108 बार जाप करें। इसके साथ ही काल भैरव अष्टक का भी पाठ करें। ऐसा करने से भय, बाधाएं और शत्रुओं का नाश होता है।
ॐ काल भैरवाय नमः
ॐ क्रीं क्रीं कालभैरवाय फट
ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः
सरसों के तेल का दीपक जलाएं
काल भैरव को सरसों के तेल का दीपक बहुत प्रिय होता है। मंदिर में या घर के ईशान कोण में दीपक जलाकर ‘ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र का जाप करें। आप काल भैरव अष्टमी के दिन व्रत भी कर सकते हैं।
काले कुत्ते को रोटी खिलाएं
काल भैरव का वाहन कुत्ता है। इस कारण काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।
नींबू-मिर्च से करें ये काम
व्यापार या नौकरी में बाधा आ रही हो तो कालाष्टमी के दिन काल भैरव मंदिर में नींबू-मिर्च चढ़ाएं और फिर उसे दुकान या ऑफिस के दरवाजे पर टांग दें। ऐसा करने से समस्याओं का अंत हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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