Kaalchakra Today 16 July 2025: सनातन धर्म के लोगों के लिए पेड़ों की पूजा का खास महत्व है। ये केवल जीवन का स्रोत नहीं हैं, बल्कि इनमें कई देवी-देवताओं का वास भी होता है। इसलिए कुछ पेड़ों की पूजा और उनकी परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। खासकर पीपल के पेड़ की पूजा करने से साधक को विशेष लाभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल के पेड़ में ब्रह्म देव, भगवान विष्णु, भगवान महेश, सूर्य देव, चंद्र देव, शनि देव और कई अन्य देवताओं का वास होता है।
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको पीपल के पेड़ की पूजा का सही समय और वृक्ष की पूजा करने के लाभ के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
किस समय करें पीपल के पेड़ की पूजा?
सूर्यास्त से पहले पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए और वृक्ष में जल चढ़ाना चाहिए। इस दौरान पेड़ में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है, जिस कारण व्यक्ति को लाभ होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पीपल के पेड़ की पूजा किस समय नहीं करनी चाहिए?
शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में पीपल के पेड़ की पूजा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्मी आपसे नाराज हो सकती हैं, जिसके कारण घर में दरिद्रता का वास होगा। इसके अलावा सूर्यास्त के बाद भी पीपल के पेड़ में जल नहीं चढ़ाना चाहिए। इससे व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता का वास होता है।
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पीपल के पेड़ की पूजा करने के लाभ
पीपल के पेड़ की पूजा करके सूर्य, शनि, राहु और केतु ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।
शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। पूजा के साथ-साथ इस दिन दीपदान करना भी अच्छा रहता है।
पीपल के पेड़ के नीचे शिवलिंग की स्थापना करके पूजा करना शुभ माना जाता है। इससे राहु-केतु के कारण जीवन में आ रहे उतार-चढ़ाव दूर होते हैं।
रविवार को पीपल के पेड़ की पूजा करने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे मान-सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।
पीपल के पेड़ के नीच ध्यान लगाने और मंत्र जाप करने से मानसिक शांति मिलती है।
पीपल के पेड़ की सेवा करने से पूर्व जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और सौभाग्य बढ़ता है।
शनिवार और अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
घर के पास पीपल का पेड़ लगाने और नियमित रूप से उसकी पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।