Gita Jayanti 2025: हिंदू धर्म में श्रीमद्भागवत गीता का विशेष महत्व है. श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का पवित्र और महत्वपूर्ण ग्रंथ है. भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में युद्ध के मैदान में श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान दिया था. तभी से इस दिन को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है. गीता जयंती मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को मनाई जाती है. इस साल गीता जयंती का पर्व 01 दिसंबर 2025, दिन सोमवार को है. आप गीता जयंती के शुभ मौके पर पाप मुक्ति के लिए उपायों को कर सकते हैं. इन उपायों को करने से आपको भाग्य का साथ मिलेगा.

पापों से मुक्ति के लिए गीता जयंती पर करें ये 5 उपाय

श्रीमद्भागवत गीता का पाठ

गीता जयंती के दिन आपको श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करना चाहिए साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. गीता जयंती पर श्रीमद्भागवत गीता का पूजन किया जाता है. इससे ज्ञान की प्राप्ति होती है.

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गीता जयंती पर रखें उपवास

गीता जयंती का पर्व मोक्षदा एकादशी के दिन रखा जाता है. यह दिन व्रत और पूजा-अर्चना के लिए शुभ होता है. आपको गीता जयंती पर उपवास रखना चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करनी चाहिए.

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श्रीकृष्ण के मंत्र का जाप

गीता जयंती पर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करना चाहिए. भगवान कृष्ण के इस मंत्र के जाप से मन को शांति मिलती है. इस मंत्र का अर्थ है (मैं भगवान भगवान विष्णु या कृष्ण को नमन करता हूं). यह एक शक्तिशाली मंत्र है.

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तुलसी और पीपल की परिक्रमा

तुलसी का पौधा भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को प्रिय होता है और पीपल में देवी-देवताओं वास माना जाता है. आपको पीपल के वृक्ष और तुलसी के पौधे की परिक्रमा करनी चाहिए. इससे पुण्य फल प्राप्त होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है.

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गीता पुस्तक का करें दान

गीता जयंती के शुभ अवसर पर आपको मंदिर में श्रीमद्भागवत गीता की पुस्तक का दान करना चाहिए. गीता जयंती पर गीता पुस्तक का दान करना शुभ माना जाता है. इससे मोक्ष और पापों से मुक्ति मिलती है. आपको गीता जयंती के दिन इन सभी उपायों को करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.