Identify Real Gemstones: आज के समय में अधिकतर लोग परेशान हैं. जहां कुछ लोग रोजाना की समस्याओं से बचने के लिए धार्मिक उपायों का सहारा लेते हैं, वहीं उन लोगों की भी कमी नहीं है जो रत्न धारण करते हैं. रत्न शास्त्र की मानें तो सही समय और उंगली में रत्न धारण करने से नवग्रहों को अनुकूल किया जा सकता है. वैसे तो करीब 84 तरह के रत्न होते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रहों से जुड़े 9 रत्नों के बारे में बताया गया है.
मार्केट में कई नकली रत्न भी मिलते हैं. दरअसल, कुछ असली रत्न काफी महंगे होते हैं, जिन्हें हर कोई नहीं खरीद पाता है. ऐसे में वो सस्ते व नकली रत्न खरीद लेते हैं. रत्न शास्त्र में बताया गया है कि कुछ तरीकों से असली रत्नों की पहचान की जा सकती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस रत्न का संबंध किस ग्रह से है. साथ ही आपको असली रत्न की पहचान करने के तरीके के बारे में पता चलेगा.
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माणिक्य (Ruby):-
कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति को मजबूत करने के लिए माणिक्य रत्न पहना जाता है. जो असली माणिक्य होता है, उसका रंग खून जैसा लाल होता है और उसके अंदर छोटे क्रिस्टल होते हैं, जबकि नकली माणिक्य में दरारें दिखाई देती हैं.
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मोती (Pearl):-
जन्म कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति को मजबूत करने के लिए मोती रत्न को पहनना शुभ होता है. जो मोती असली होता है, वो हर समय छूने पर ठंडा लगता है और धारण करने के बाद भारी लगता है. वहीं, नकली मोती का वजन महसूस नहीं होता है और कुछ समय में ही उस पर दरारें आने लगती हैं.
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मूंगा (Red Coral):-
जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति कमजोर है, उन्हें मूंगा धारण करना चाहिए. यदि आपको असली और नकली मूंगा की पहचान करनी है तो उसके ऊपर पानी की बूंद डालें. यदि पानी की बूंद मूंगा के ऊपर स्थिर हो गई, तो वो असली है. वहीं, नकली मूंगा पर पानी नहीं रुकेगा, बल्कि बह जाएगा.
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पन्ना (Emerald):-
बुध ग्रह को खुश करने के लिए पन्ना धारण किया जाता है. यदि आप असली और नकली पन्ना की पहचान करना चाहते हैं तो उसके लिए एक पानी का गिलास लें और उसमें पन्ना को डालें. यदि पन्ना असली होगा तो वो धीरे-धीरे हरे रंग की रोशनी छोड़ने लगेगा, जिससे पानी का रंग हरा दिखने लगेगा. वहीं, नकली पन्ने में से कोई रोशनी नहीं निकलेगी.
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पुखराज (Yellow Sapphire):-
जिन लोगों की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति ग्रह की स्थिति कमजोर होती है, उनके लिए पुखराज धारण करना शुभ होता है. असली पुखराज की सबसे बड़ी पहचान है कि उसे छूने पर ठंडक का अहसास होता है और दिखने में कठोर लगता है, जबकि नकली पुखराज हर समय ठंडा नहीं रहता है.
हीरा (Diamond):-
शुक्र ग्रह की कृपा पाने के लिए हीरा धारण किया जाता है. यदि आपको असली और नकली हीरे की पहचान करनी है तो उसके ऊपर मोमबत्ती की एक बूंद डालें और बंद कमरे में रख दें. यदि हीरा असली होगा तो वो अंधेरे में चमकेगा, जबकि नकली हीरा दिखाई भी नहीं देगा.
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नीलम (Blue Sapphire):-
शनि ग्रह की स्थिति को मजबूत करने के लिए नीलम पहना जाता है. असली नीलम हर समय गर्म रहता है, जबकि नकली नीलम को छूने पर न तो ठंड और न ही गर्मी का अहसास होता है.
गोमेद (Hessonite):-
जिन लोगों की कुंडली में राहु दोष है, उन्हें गोमेद धारण करने की सलाह दी जाती है. जो असली गोमेद होता है, उसके आर-पार नहीं देखा जाता है, बल्कि हर परत धुंधली दिखाई देती है. वहीं, नकली गोमेद के आर-पार सब कुछ देखा जा सकता है.
लहसुनिया (Cat's Eye):-
जिन लोगों की कुंडली में केतु ग्रह की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें लहसुनिया पहनने की सलाह दी जाती है. असली लहसुनिया की सतह पर चमकदार रेखाएं होती हैं. यदि आप लहसुनिया को घुमाते हैं तो उसकी रेखाएं बिल्ली की आंख की तरह हिलती हैं, जबकि नकली लहसुनिया पर रेखाएं साफ-साफ नहीं दिखती हैं और चमक भी कुछ खास नहीं होती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.