Lohri 2026 Parikrama Niyam: लोहड़ी के पर्व को नई फसल, नई शुरुआत और खुशियों का प्रतीक माना जाता है, जिसकी धूम देश के कोने-कोने में देखने को मिलती है. खासकर, उत्तर भारत की कई जगहों पर लोहड़ी का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन सूर्य देव के साथ-साथ अग्नि देव की पूजा की जाती है. साथ ही शाम के समय लोहड़ी की अग्नि लकड़ी से जलाई जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, लोहड़ी जलाने से बुरी शक्तियों का नाश होता है और जीवन में खुशियों का वास होता है. साथ ही सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
लेकिन क्या आपको पता है कि लोहड़ी की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए, परिक्रमा को किस तरफ से शुरू करना चाहिए व अग्नि में क्या डालना चाहिए और क्या नहीं, आदि-आदि? चलिए जानते हैं इन्हीं सभी सवालों के जवाब.
---विज्ञापन---
लोहड़ी की कितनी परिक्रमा करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, लोहड़ी की अग्नि की तीन या सात बार परिक्रमा करना शुभ होता है. परिक्रमा करते समय अग्नि में कुछ न कुछ अर्पित करते रहें. साथ ही अपनी गलतियों व बुरे कर्मों के लिए माफी मांगें.
---विज्ञापन---
लोहड़ी की किस तरफ से करें परिक्रमा?
लोहड़ी की अग्नि की परिक्रमा हमेशा दाएं हाथ की तरफ से करनी चाहिए. शास्त्रों में बताया गया है कि परिक्रमा करते समय मन में गलत विचार नहीं आने चाहिए.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें- Lohri 2026 Upay: लोहड़ी की रात पूजा करने के बाद करें ये 3 उपाय, सालभर खुशियों और धन से भरा रहेगा घर
---विज्ञापन---
लोहड़ी की अग्नि में क्या डाल सकते हैं?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, लोहड़ी की अग्नि में रेवड़ी, तिल, गुड़, मूंगफली, चावल, खील, मक्का, चने, गन्ने, गजक, जौ, नारियल, गेहूं, लकड़ी, मखाने, हल्दी, कुमकुम, सूखा मेवा, घी, इलायची और बताशे आदि अर्पित करना शुभ होता है.
---विज्ञापन---
लोहड़ी की अग्नि में क्या नहीं डालना चाहिए?
लोहड़ी की अग्नि में गंदे व फटे-पुराने कपड़े, पॉलीथिन, रबड़, प्लास्टिक और सिंथेटिक चीजें अर्पित नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा बासी, कड़वा और झूठा भोजन डालना भी अशुभ होता है. इससे न सिर्फ आपको पाप लगेगा, बल्कि पूजा का फल भी नहीं मिलेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.