Parenting Mistakes: पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चों को संसार की हर खुशी मिले, हर सफलता उनके कदम चूमे और जीवन में उन्हें वह सब मिले जो वो चाहते हैं. माता-पिता (Parents) बच्चे से प्यार भी बहुत करते हैं. लेकिन, कई बार वे बच्चे की ज्यादा चिंता के चक्कर में उसका फायदा करने के बजाय नुकसान कर बैठते हैं. ऐसे में चाइल्ड साइकाइट्रिस्ट डॉ. गायत्री राठौड़ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि पैरेंटिंग की वो कौन सी गलतियां हैं जो पैरेंट्स को कभी नहीं करनी चाहिए.
पैरेंटिंग में ना करें ये गलतियां
साइकाइट्रिस्ट ने बताया कि माता-पिता का औवरप्रोटेक्टिव होना ही उनकी सबसे बड़ी गलती है. मम्मी जूते खोल दो, मम्मी बैग उठा दो, मम्मी ये ले आओ या मम्मी वो लाओ बोलते रहने की आदत बच्चे को लग जाती है. माता-पिता बच्चे की ये सब बातें सुनते हैं और कई बार कर भी देते हैं प्यार से. लेकिन, पैरेंट्स को यह समझना बहुत जरूरी है कि अगर वे यह सबकुछ पहले ही कर देंगे तो वो माता-पिता पर ही निर्भर रहने लगेंगे.
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बच्चे को इंडिपेंडेंट बनाने के लिए उसे खुद से पहले सबकुछ ट्राई कर दें. जब बच्चे खुद से चीजें करते हैं तो वे अपनी गलतियों से सीखते हैं. इससे बच्चे में कोंफिडेंस आता है. छोटे बच्चे का खुद से जूते पहनना, अपना बैग खुद पैक करना जैसी छोटी-छोटी चीजें बच्चे में धीरे-धीरे कोंफिडेंस बढ़ाती हैं.
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बच्चे की हेल्प कब करें
साइकाइट्रिस्ट की सलाह है कि बच्चे की हेल्प तब करनी चाहिए जब बच्चे को सचमुच जरूरत हो. लेकिन, पहले बच्चे को ट्राई करने दें. पैरेंट्स के यही छोटे-छोटे स्टेप्स बच्चे को कोंफिडेंट और सेक्योर अडल्ट्स बनाते हैं.
इन गलतियों से भी बचें
- बच्चे की दूसरे बच्चों से तुलना ना करें.
- बच्चे को नजरअंदाज ना करें.
- बच्चे की भावनाओं का सम्मान करें.
- बच्चे से बात करें और उसकी बात सुनें.
- बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं.
- हेलिकोप्टर पैरेंट ना बनें और बच्चे को जरूरी स्वतंत्रता दें.