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क्या आटे को फ्रिज में रखना ठीक है? डॉक्टर ने बताया गुंथे आटे को स्टोर करने का सही तरीका क्या है

गुंथे हुए आटे को अक्सर ही लोग फ्रिज में कई-कई घंटों तक रख देते हैं. लेकिन, ऐसा करने से क्या होता है और सेहत पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है यह जानना जरूरी है. डॉ. रोहिणी पाटिल बता रही हैं आटा गूंथकर फ्रिज में रखें या नहीं.

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फ्रिज में गूंथा हुआ आटा कितने दिन तक रखा जा सकता है?

Dough Storing Tips: भारतीय घरों में रोटियां तो पकाई ही जाती हैं और इसीलिए आटा भी गूंथा जाता है. लेकिन, अक्सर ही लोग आटा इतना ज्यादा गूंथ लेते हैं कि उसे स्टोर करके रखना पड़ता है. फ्रिज में आटा स्टोर करके रखने और लंबे समय तक रखे रहने देने के बाद इस्तेमाल करने के फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकते हैं. इसी बारे में बता रही हैं डॉ. रोहिणी पाटिल. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर करके बताया है कि गुंथे हुए आटे (Kneaded Dough) को फ्रिज में क्यों नहीं रखना चाहिए और इसका सेहत पर क्या असर हो सकता है.

फ्रिज में क्यों नहीं रखना चाहिए गुंथा हुआ आटा

डॉक्टर की सलाह है कि बचा हुआ आटा फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इस आटे को खाने पर पेट फूल सकता है और गैस हो सकती है. डॉक्टर बताती हैं कि बहुत से भारतीय परिवारों में लोग आटा ज्यादा गूंथ लेते हैं और उसे फ्रिज में 24 से 48 घंटों तक स्टोर करके रख देते हैं ताकि उनका समय बच सके और अगले दिन आटा ना गूंथना पड़े. लेकिन, जब आप फ्रिज में आटा स्टोर करके रखते हैं तो ठंडक से धीमी फर्मेंटेशन शुरू हो जाती है. 4 डिग्री सेल्सियस में भी आटे में इस्टन बैक्टीरिया एक्टिव रहते हैं और फर्मेंट होने लगते हैं. इस फर्मेंटेशन से आटे का पीएच लेवल बदल जाता है.

ताजा आटे का पीएच लेवल 6 से 7 न्यूट्रल होता है लेकिन फ्रिज में आटा रखने पर इसका पीएच 4.5 से 5 तक गिर जाता है. इससे आटा एसिडिक हो जाता है. डॉक्टर का कहना है कि जब आप इस एसिडिक आटे की रोटियां बनाकर खाते हैं तो पेट को इसे पचाने के लिए स्ट्रगल करना पड़ता है. इसके साथ ही, कम हुआ पीएच लेवल डाइजेस्टिव एंजाइम्स को ब्लॉक करता है और वे स्टार्च में ब्रेक डाउन नहीं हो पाते. बिना डाइजेस्ट हुए स्टार्च के कारण गैस बनने लगती है.

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क्या कहती है रिसर्च

डॉक्टर ने बताया कि रिसर्च के अनुसार, जरूरत से ज्यादा फर्मेंट हुए आटे से गैस, ब्लोटिंग और लोगों में एसिडिटी ज्यादा देखी जाती है. इससे ग्लूटन भी ज्यादा टाइट हो जाता है और इसे पचाना और ज्यादा मुश्किल होता है. गेंहू में पहले से ही फ्रुक्टोस होता है जो एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है जिसे 70 प्रतिशत लोग ठीक तरह से नहीं पचा पाते हैं. वहीं, यह फर्मेंट हो जाए तो दिक्कत और ज्यादा बढ़ जाती है.

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ताजा आटा (Fresh Dough) 2 से 3 घंटे लेता है पचने में और वहीं स्टोर किया गया आटा 5 से 6 घंटे में फर्मेंट हो जाता है और पाचन खराब करता है. इसीलिए उतना ही आटा गूंथे जितने की आपको जरूरत है. अगर आटा स्टोर करना ही है तो इसे रखने के 12 घंटे के अंदर-अंदर ही इस्तेमाल कर लें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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