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Health Tips: लंग इन्फेक्शन का एक कारण घर में लगी फफूंदी भी? जानें एक्सपर्ट की राय

Health Tips: अगर आपके भी घर में फफूंदी लग गई है, तो इससे फंगल लंग इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इससे शरीर में होने वाले नुकसान आपको लंबे समय के लिए बीमार कर सकता है।

Health Tips
Health Tips: कई बार घर में नमी के कारण फफूंद लग जाते हैं और जब आप ऐसे माहौल में रहते हैं, तो हेल्थ से जुड़ी कई तरह की समस्या हो सकती है। इसके कारण नाक बंद होना, खांसी, घरघराहट, लाल आंखें और खुजली वाली त्वचा जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। मोल्ड से एलर्जी वाले या अस्थमा के मरीजों को इससे ज्यादा खतरा रहता है। यहां तक उन्हें बुखार और सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। इम्यून सप्रेशन या अंडरलाइंग फेफड़ों की बीमारी वाले लोग के लिए फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

पल्मोनोलॉजिस्ट, मणिपाल हॉस्पिटल सरजापुर रोड के कंसल्टेंट डॉ. सुहास एचएस, ने बताया कि पुरानी सांस से जुड़ी बीमारी जैसे कि  क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर, अस्थमा वाले लोग, इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेने वाले लोग, कैंसर और एचआईवी, सारकॉइडोसिस को सांस लेने में कठिनाई, खांसी, बुखार, सिर और सीने में जकड़न फील हो सकता है। ज्यादा मोल्ड के संपर्क में आने से कभी-कभी हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस की  गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है। ये भी पढ़ें- क्या केला वजन बढ़ाने और घटाने में है मददगार? जानें खाने का सही तरीका

फंगल इन्फेक्शन का इलाज

फंगल इन्फेक्शन का इलाज बीमारी की स्थिति पर निर्भर करता है, कुछ को एंटिफंगल थेरेपी की जरूरत होती है, जिसमें ओरल मेडिकेशन या इंट्रावेनस मेडिकेशन्स शामिल है। कुछ एलर्जिक फंगल रिएक्शन में स्टेरॉयड की जरूरत हो सकती है, जबकि कुछ फंगल इन्फेक्शन को हटाने के लिए सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है। घर की फफूंदी के संपर्क में आने से बचने के लिए सावधान रहना चाहिए, खास तौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें फेफड़ों की बीमारी है और जिन्हें इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारी है। अक्सर ये फंगल इन्फेक्शन इनके लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।

रोकथाम के सुझाव

1. फफूंद की पहचान करना और फफूंद के विकास को रोकने के लिए सफाई करना जरूरी होता है। 2. बागवानी या घास काटने से बचें, क्योंकि इससे फफूंद स्पोर्स के फैलने की संभावना रहती है। 3. मास्क पहनना, खासकर धूल भरे वातावरण या पुरानी इमारतों में। 4. पर्याप्त पोषण बनाए रखना, लक्षणों की जल्दी पहचान करना और डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ये भी पढ़ें- क्या आपके खाने में भी है इस विटामिन की कमी? जानें क्या कहती हैं डायटीशियन Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।  


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