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Health Tips: बालों का झड़ना हो सकता है हार्मोनल इंबैलेंस का संकेत! जानें कैसे करें बचाव

Health Tips: अगर आपके भी बाल लगातार झड़ते हैं, तो ये हार्मोनल इंबैलेंस का संकेत हो सकते हैं और इसे अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

Health Tips
Health Tips: बालों का झड़ना एक आम बात होती है जिसमें हमारे कुछ ही बाल टुटते हैं, लेकिन कई बार हमारे बहुत सारे बाल झड़ना लगते हैं। ऐसे में इसे अनदेखा करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि ये किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। बहुत से लोग तनाव या बालों की खराब देखभाल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। लगातार बाल झड़ना कई बार हार्मोनल असंतुलन के कारण भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली के साकेत में स्थित स्किन केयर क्लिनिक के संस्थापक और डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. जांगिड़ के अनुसार, हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण बाल झड़ना ज्यादातर लोगों की समझ से कहीं ज्यादा आम है,  लेकिन ऐसा कैसे होता है? क्या इसके लिए हमारी जीवनशैली को दोषी ठहराया जा सकता है? डॉक्टर के अनुसार, बालों के विकास में हार्मोन की अहम भूमिका होती है। जब वे असंतुलित हो जाते हैं, तो ये बालों में कई तरह की समस्या को पैदा करते हैं। जिससे बहुत ज्यादा बाल झड़ते हैं, पतले होते हैं या यहाँ तक कि गंजेपन की समस्या भी हो सकती है। डॉ. जांगिड़ बताते हैं कि बहुत से मरीज मेरे पास बाल झड़ने की चिंता में आते हैं, उन्हें लगता है कि यह खराब खान-पान या तनाव के कारण हो रहा है। लेकिन कई मामलों में, हार्मोनल असंतुलन ही असली वजह होती है। ये भी पढ़ें- इन 6 गलतियों की वजह से रिश्ते में आती है दरार, खत्म होने लगता है प्यार

हार्मोन बालों को कैसे प्रभावित करते हैं?

डॉ. जांगिड़ बताते हैं कि कई हार्मोन बालों को प्रभावित करते हैं और असंतुलन से बदलाव हो सकते हैं- एण्ड्रोजन (पुरुष हार्मोन)- एण्ड्रोजन, विशेष रूप से डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) का ज्यादा बढ़ना, एंड्रोजेनिक एलोपेसिया का कारण बनता है , जिसे आमतौर पर पुरुष या महिला में गंजापन के रूप में जाना जाता है। थायराइड हार्मोन- हाइपरथायरायडिज्म या हाइपोथायरायडिज्म थायराइड बाल विकास को रोक सकता है, जिससे बाल झड़ने की संभावना बढ़ जाती है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन-  गर्भावस्था, पोस्टपार्टम और मेनोपॉज के दौरान उतार-चढ़ाव से बालों के झड़ने की समस्या हो सकती हैं।

कैसे करें बचाव

हार्मोन थेरेपी- यदि थायराइड हार्मोन या एस्ट्रोजन का लेवल असंतुलित हो, तो हार्मोन थेरेपी से इसे कंट्रोल कर सकते हैं। टोपिकल ट्रीटमेंट्स- मिनोक्सिडिल का व्यापक रूप से एंड्रोजेनिक एलोपेसिया के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दवाएं- स्पिरोनोलैक्टोन जैसे एंटी-एण्ड्रोजन DHT से जुड़ी दवाएं बालों के झड़ने को कम कर सकते हैं। ये भी पढ़ें- ये 3 दवाएं सेहत के लिए हो सकती खतरनाक! जानें क्या कहती है रिपोर्ट Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।


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