Gita Updesh For Successful Life: जिंदगी इतनी तेज रफ्तार से भाग रही है कि हमें खुद के लिए रुकने का समय ही नहीं मिलता. सुबह की भागदौड़, दिनभर का काम, जिम्मेदारियों का बोझ और रात तक की थकान… इसी रूटीन में जिंदगी गुजर जाती है. कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब इंसान खुद को हारा हुआ, अकेला या निराश महसूस करने लगता है. उसे समझ में नहीं आता कि क्या किया जाए, लेकिन ऐसे वक्त में घबराने की जरूरत नहीं होती क्योंकि ठीक ऐसा ही भाव महाभारत के युद्ध से पहले अर्जुन के मन में भी आया था. तब श्रीकृष्ण ने जो ज्ञान दिया, वही आज भगवद्गीता के रूप में हमें राह दिखाने का काम करता है. अगर आप भी परेशान हैं या जिंदगी से मायूस हो गए हैं तो इस लेख में बताए गए 5 उपदेश आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं.
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भगवद्गीता के 5 उपदेश
उपदेश 1- अगर आपको ऊपर वाला कष्ट में ले जा रहा है या दुख दे रहा है तो यकीन वही परमात्मा तुम्हें कष्ट के पार भी ले जाएगा. यानी वो जिंदगी से दुख, दर्द और पीड़ा जरूर दूर करेगा और आपकी जिंदगी में खुशियां लाएगा.
उपदेश 2- किसी भी इंसान की परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहती हैं. इसलिए उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि परिस्थितियां हमेशा बदलती हैं और इंसान को दुख से दूर कर देती हैं. इसलिए मनुष्य को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए.
उपदेश 3- आपकी जिंदगी में जो हो रहा है उसे होने दो. इसको लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ईश्वर ने तुम्हारी सोच से बेहतर तुम्हारे लिए सोच रखा है. बस आपको सिर्फ अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए.
गीता उपदेश 4- अगर जिंदगी आपके मुताबिक नहीं चल रही है या परिस्थितियां आपके हक में नहीं हैं तो विश्वास करें कि कुछ बेहतर आपकी तलाश में है. आपकी जिंदगी में चीजें बेहतर होंगी और आप कुछ अच्छा कर पाएंगे.
उपदेश 5- हमेशा यही सोच रखें कि जो भी हुआ है अच्छा ही हुआ है और जो होगा वो भी अच्छा ही होगा. गीता में भविष्य को लेकर चिंता करने को मना किया है. इंसान को हमेशा वर्तमान में जीना चाहिए और अपना लक्ष्य पूरा करने पर विचार करना चाहिए.
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