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बच्चों से फोन की लत कैसे छुड़वाएं? पैरेंटिंग कोच ने बताया कैसे मिलेगा Mobile Addiction से छुटकारा

Bacchon se mobile kaise chhudayen: अगर आपका बच्चा भी हर समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है और फोन हाथ में लेकर बैठा रहता है तो उसे मोबाइल की लत लग गई है. ऐसे में एक्सपर्ट से जानिए किस तरह बच्चे की फोन की लत छुड़वाई जा सकती है.

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बच्चों को मोबाइल की लत से कैसे बचाएं? Image Credit - Pexels

Mobile Addiction In Children: मोबाइल फोन का इस्तेमाल आजकल लगभग हर व्यक्ति करता है. मोबाइल जिंदगी का वो हिस्सा बन चुका है जिसके बिना कोई भी काम करना मुश्किल लगने लगा है. वहीं, बच्चों की पढ़ाई हो या मनोरंजन, छोटी उम्र से ही बच्चों के हाथों में फोन थमा दिया जाता है और बच्चा फोन चलाना सीख जाए तो पैरेंट्स उसकी समझदारी पर बेहद खुश भी होते हैं. लेकिन, मुसीबत तब महसूस होती है जब बच्चे को फोन की लत (Phone Ki Lat) लग जाती है और वो बिना फोन के चंद मिनट भी खाली नहीं बैठ सकता है. ऐसे में बच्चे को अगर फोन की लत लग गई है और बिना फोन के ना वह खाता है और ना सोता है, तो यहां जानिए पैरेंटिंग कोच रेणु गिरधर पैरेंट्स को क्या सलाह दे रही हैं. पैरैंटिंग कोच ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर करके टिप्स दिए हैं.

कैसे छुड़ाएं बच्चे की फोन की लत

पेरेंटिंग कोच ने बताया कि कुछ सिंपल रूल्स को फॉलो करके बच्चे की मोबाइल की लत छुड़ाई जा सकती है.

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खाना खाते समय मोबाइल हटाएं – घर में यह रूल बनाना जरूरी है कि कोई भी खाना खाते समय मोबाइल नहीं देखेगा, ना ही टीवी चलाया जाएगा.

स्क्रीन टाइम फिक्स करना – बच्चे के लिए स्क्रीन टाइम फिक्स करना बेहद जरूरी है. उसे कहिए कि वह मोबाइल का इस्तेमाल तो कर सकता है लेकिन उसे फोन दिनभर में बस 3 ही बार दिया जाएगा वो भी 10-10 मिनट के लिए .

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आउटडोर एक्टिविटीज में करें एनरोल- बच्चों को आउटडोर एक्टिविटीज में एनरोल करवाइए जिससे बच्चा घर में मोबाइल में लगे रहने के बजाय बाहर खेलने-कूदने जाए.

बच्चे को क्यों लग जाती है फोन की लत

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  • बच्चों को घर में ही खेलने को कहा जाए और मनोरंजन के लिए फोन हाथ में थमा दिया जाए तो बच्चों को फोन की लत लग जाती है.
  • बच्चों से ज्यादा उनके माता-पिता को महसूस होता है कि किसी और का बच्चा अगर मोबाइल फोन को लेकर टेक सैवी हो गया है तो उनका बच्चा भी होना चाहिए.
  • कई बार बड़े बच्चों को पैरेंट्स किसी तरह की स्किल्स सिखाने के लिए फोन हाथ में देते हैं.
  • बड़े बच्चे सोशल मीडिया (Social Media) इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और फोन के आदि हो जाते हैं.
  • बच्चे को किसी तरह की एडिक्टिव गेम (Addictive Game) या ऐप की आदत हो जाए तो बच्चे को मोबाइल फोन से दूर करना मुश्किल हो जाता है.

यह भी पढ़ें – क्या रील्स देखने पर ब्रेन डैमेज हो सकता है? यहां जानिए दिमाग पर क्या असर डालती हैं शॉर्ट वीडियोज

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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