हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

'रिटायरमेंट से पहले छक्के लगाना…' जजों के किस ट्रेंड को लेकर नाराज हुए CJI सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने रिटायरमेंट से पहले दनादन आदेश देने के चलन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने गुरुवार को जजों के रिटायरमेंट से पहले दनादन फैसले सुनाने के चलन पर चिंता जाहिर की. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जिस्टस जोयमाल्य बागची भी शामिल थे, ने इस चलन को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया. उन्होंने यह टिप्पणी मध्य प्रदेश के एक प्रधान जिला न्यायाधीश की याचिका पर सुनवाई करते हुई की. प्रधान जिला न्यायाधीश को रिटायरमेंट से 10 दिन पहले सस्पेंड कर दिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कथित तौर पर उन्हें दो न्यायिक आदेशों के चलते सस्पेंड किया गया था.

क्या बोले CJI?

याचिका सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘याचिकाकर्ता ने रिटायरमेंट से ठीक पहले छक्के मारने शुरू कर दिए थे. यह एक दुर्भाग्यपूर्ण चलन है. मैं इस पर विस्तार से नहीं बोलना चाहता’

यह भी पढ़ें : Exclusive : ‘रूल ऑफ लॉ से चलती है…’, बुलडोजर न्याय पर क्या बोले देश के पूर्व CJI गवई?

विज्ञापन

क्या था मामला?

मध्य प्रदेश के एक जिला जज का रिटायरमेंट 30 नवंबर को था, लेकिन दो न्यायिक आदेशों की वजह से उन्हें 19 नवंबर को निलंबित कर दिया गया. जिसके खिलाफ जिला जज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर को मध्य प्रदेश सरकार को उनके रिटायरमेंट को एक साल के लिए टालने का आदेश दिया था. क्योंकि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी थी.

तंज कसते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘जब उस न्यायिक अधिकारी ने वे दो आदेश पारित किए, तब उन्हें यह नहीं पता था कि उनकी रिटायरमेंट की आयु एक साल बढ़ा दी गई है. रिटायरमेंट से ठीक पहले जजों में इतने सारे आदेश पारित करने का चलन बढ़ता जा रहा है.’

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : Explainer: कैसे तय होते हैं भारत के CJI? क्या है कॉलेजियम; सुप्रीम कोर्ट के लिए कितना अहम

हाईकोर्ट क्यों नहीं गए – SC ने पूछा

बेंच ने याचिकाकर्ता जिला जज से पूछा कि अपने सस्पेंशन को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया. इस पर जज के वकील ने तर्क दिया कि चूंकि यह फैसला पूरे कोर्ट का था, इसलिए न्यायिक अधिकारी को लगा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना बेहतर होगा.

विज्ञापन

जिला जज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विपिन सांघी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे. उन्होंने जज के ‘शानदार करियर’ का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में बहुत अच्छी रेटिंग मिली थी. साथ ही वकील ने पूछा कि किसी न्यायिक अधिकारी को उन न्यायिक आदेशों के लिए कैसे सस्पेंड किया जा सकता है जिन्हें उच्च न्यायपालिका द्वारा सुधारा जा सकता है?

यह भी पढ़ें : बिना कानूनी डिग्री बन गए सुप्रीम कोर्ट के CJI, जानिए कौन थे कैलाशनाथ वांचू? अनोखी है कहानी

विज्ञापन

इस पर पीठ का कहना था कि ‘गलत आदेश पारित करने के लिए किसी न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती. इसके लिए उन्हें सस्पेंड नहीं किया जा सकता. लेकिन क्या होगा यदि आदेश स्पष्ट रूप से बेईमानी से भरे हों?’ सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने के लिए कहा.

RTI का सहारा लेने पर भी हुए नाराज

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि न्यायिक अधिकारी ने अपने निलंबन का आधार जानने के लिए RTI (सूचना का अधिकार) का सहारा लिया. कोर्ट ने कहा कि वह इस संबंध में प्रतिवेदन भी दे सकते थे. एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह जानकारी प्राप्त करने के लिए RTI का रास्ता अपनाए.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola