हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल-अखिलेश ने क्यों नहीं किए हस्ताक्षर?

राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए? आखिर क्या है इन दोनों दिग्गज नेताओं की इस बड़े फैसले के पीछे की रणनीति?

विज्ञापन

लोकसभा में मंगलवार को सियासी पारा तब चढ़ गया जब विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंप दिया. विपक्ष ने बिरला पर सदन के संचालन में पक्षपात करने और विपक्षी महिला सांसदों को झूठे आरोपों के जरिए बदनाम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. आइएनडीआइए गठबंधन में शामिल करीब 120 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने फिलहाल इस पर साइन करने से परहेज किया है. स्पीकर ने इस नोटिस को आगे की कार्यवाही के लिए सचिवालय को भेज दिया है और फैसला लिया है कि प्रक्रिया पूरी होने तक वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे.

विपक्ष ने गिनाए अविश्वास के चार मुख्य कारण

विपक्षी सांसदों ने महासचिव को सौंपे गए नोटिस में चार प्रमुख वजहें बताई हैं. पहली वजह सदन को एकतरफा ढंग से चलाना और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने से रोकना बताया गया है. दूसरी वजह बजट सत्र के दौरान आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन है, जिसे मनमाना करार दिया गया है. तीसरा कारण भाजपा के एक सांसद द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर किए गए आपत्तिजनक हमले पर स्पीकर की चुप्पी को बताया गया है. चौथी वजह कांग्रेस की महिला सांसदों पर लगाए गए उन आरोपों को बताया गया है जिसमें कहा गया था कि वे प्रधानमंत्री पर हमले की तैयारी कर रही थीं, जिसे विपक्ष ने पूरी तरह झूठा और अपमानजनक कहा है.

यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर ‘उम्र की लक्ष्मण रेखा’ खींचने की तैयारी! TDP सांसद ने अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र, कड़े कानून की मांग

विज्ञापन

राहुल और अखिलेश के हस्ताक्षर न होने की वजह

दिलचस्प बात यह है कि इस अविश्वास प्रस्ताव पर नेता विपक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हस्ताक्षर नहीं हैं. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने संसदीय गरिमा और अपने संवैधानिक पद की मर्यादा को देखते हुए जानबूझकर साइन नहीं किए हैं. अखिलेश यादव ने भी इसी तरह के कारणों से खुद को हस्ताक्षर से दूर रखा है. नोटिस देने से पहले कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने स्पीकर से मुलाकात कर इस टकराव को टालने की आखिरी कोशिश की थी, लेकिन जब बजट चर्चा से पहले राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिली, तो विपक्ष ने यह कड़ा कदम उठा लिया.

अब आगे क्या होगी प्रक्रिया?

नियमों के अनुसार अब लोकसभा सचिवालय इस नोटिस का परीक्षण करेगा और सही पाए जाने पर इसे सदन में चर्चा और वोटिंग के लिए रखा जाएगा. संसदीय परंपरा के मुताबिक जब तक इस प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक स्पीकर आसन पर नहीं बैठेंगे. हालांकि एनडीए के पास सदन में स्पष्ट बहुमत है, इसलिए ओम बिरला की कुर्सी को फिलहाल कोई खतरा नहीं दिख रहा है. इतिहास में पहले भी तीन बार लोकसभा अध्यक्षों के खिलाफ ऐसे प्रस्ताव लाए गए हैं, लेकिन वे सभी खारिज हो गए थे. इस कदम से आने वाले दिनों में संसद के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट और बढ़ने के आसार हैं.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola